Himachal Pradesh Elections 2026

हिमाचल प्रदेश निकाय चुनाव: दूसरे दिन 535 नामांकन, कांगड़ा सबसे आगे

हिमाचल प्रदेश निकाय चुनाव: नामांकन के दूसरे दिन 535 प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, कांगड़ा में सबसे ज्यादा उत्साह; 17 मई को होगी वोटिंग

शिमला: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रदेश के 51 शहरी निकायों के सामान्य चुनाव के लिए जारी प्रक्रिया अब जोर पकड़ चुकी है। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन विभिन्न शहरी निकायों में कुल 535 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसी के साथ प्रदेश के सभी जिलों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

पहले दिन के मुकाबले बढ़ा आंकड़ा

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले दिन (29 अप्रैल) को केवल 155 नामांकन प्राप्त हुए थे, जो दूसरे दिन (गुरुवार) को तेजी से बढ़कर 535 तक पहुंच गए।

निकाय चुनाव का पूरा शेड्यूल

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

  • नामांकन की अंतिम तिथि: 2 मई 2026 तक

  • नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny): 4 मई 2026

  • नाम वापसी और चुनाव चिह्न: 6 मई 2026 (नाम वापसी के तुरंत बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे)

  • मतदान की तिथि: 17 मई 2026

  • मतदान का समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक

  • मतदान का माध्यम: चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए संपन्न कराए जाएंगे।

जिलावार नामांकन के आंकड़े (दूसरे दिन तक)

नामांकन भरने में सबसे ज्यादा उत्साह कांगड़ा जिले में देखा गया, जबकि सबसे कम रुझान हमीरपुर जिले से सामने आया है। जिलावार स्थिति इस प्रकार है:

  • कांगड़ा: 98 (सर्वाधिक)

  • मंडी: 77

  • सोलन: 76

  • शिमला: 63

  • सिरमौर: 44

  • ऊना: 43

  • चंबा: 39

  • बिलासपुर: 36

  • कुल्लू: 32

  • हमीरपुर: 27 (सबसे कम)

पारदर्शिता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाएगा।

उन्होंने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे नामांकन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन करें।

आगामी चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी जिलों के स्थानीय प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और मतदान केंद्रों व संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह से सुदृढ़ किया जा रहा है।

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