पश्चिम बंगाल: चुनाव से पहले TMC नेता की हत्या
पश्चिम बंगाल : चुनाव से ठीक पहले TMC नेता मशिउर काजी की हत्या, इलाके में सनसनी ; नाका चेकिंग में कैश भी बरामद
उत्तर 24 परगना | संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक हिंसा का दौर शुरू हो गया है। उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता की बेरहमी से हत्या कर दी गई है।
मृतक की पहचान 38 वर्षीय मशिउर काजी के रूप में हुई है, जो देगंगा के चपातला ग्राम पंचायत के गंगनिया गांव के निवासी थे और पार्टी के बूथ प्रेसिडेंट थे।
इस हत्याकांड के बाद इलाके में भारी तनाव है और राजनीतिक दलों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है।
रात में आया था एक फोन कॉल
परिजनों के मुताबिक, बुधवार रात करीब 9:30 बजे मशिउर के पास किसी का फोन आया था। फोन पर बात करने के तुरंत बाद वह घर से निकल गए।
जब वह रात भर वापस नहीं लौटे, तो सुबह परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद हाडोया के झुजुरगाछा इलाके में मशिउर का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
परिवार वालों ने सीधा आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी हत्या की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण 24 परगना में संदिग्ध नकदी बरामद
चुनावों के बीच पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट है। एक अन्य घटना में, दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर थाना क्षेत्र के जयतला इलाके में पुलिस ने नाका चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार को हिरासत में लिया।
जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से एक लाख रुपये से ज्यादा की नकदी से भरा बैग मिला। अधिकारी के मुताबिक, आरोपी तिलपी इलाके का रहने वाला है और कुरालिया की तरफ जा रहा था। फिलहाल उससे पैसों के स्रोत को लेकर पूछताछ की जा रही है।
दो चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए इस बार दो चरणों में मतदान होना है।
23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव से पहले इस तरह की हिंसक घटनाओं और नकदी बरामदगी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।











