गेहूं-धान खरीद : केंद्र ने आढ़तियों और समितियों का कमीशन बढ़ाया
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: गेहूं-धान की खरीद पर आढ़तियों और सहकारी समितियों का कमीशन बढ़ा, जानें नई दरें
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने रबी विपणन सत्र (RMS) 2026-27 से पहले कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
सरकार ने गेहूं और धान की सरकारी खरीद के काम में लगे आढ़तियों (कमीशन एजेंटों) और सहकारी समितियों को दिए जाने वाले कमीशन की दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
इस कदम का उद्देश्य खरीद व्यवस्था को अधिक कार्यकुशल बनाना और इसमें शामिल एजेंसियों को सहयोग देना है।
राज्यों की मांग पर बनी थी समिति
विभिन्न राज्य सरकारों से कमीशन दरों में संशोधन के लिए लगातार अनुरोध मिल रहे थे। इसके बाद भारतीय खाद्य निगम (FCI), राज्य सरकारों और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक उप-समिति का गठन किया गया था। इसी समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने यह बढ़ोतरी लागू की है।
आढ़तियों के लिए नई दरें (प्रति क्विंटल):
संशोधन के बाद आढ़तियों के कमीशन में सीधा इजाफा हुआ है:
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पंजाब और हरियाणा (गेहूं): कमीशन ₹46.00 से बढ़कर ₹50.75 प्रति क्विंटल हो गया है।
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राजस्थान (गेहूं): कमीशन ₹41.40 से बढ़कर ₹45.67 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
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धान खरीद: सभी के लिए धान का कमीशन ₹45.88 से बढ़ाकर ₹50.61 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
सहकारी समितियों के लिए नई दरें (प्रति क्विंटल):
सहकारी समितियों को दी जाने वाली राशि में भी बदलाव किया गया है:
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गेहूं खरीद: कमीशन ₹27.00 से बढ़ाकर ₹29.79 प्रति क्विंटल हो गया है।
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धान खरीद: कमीशन ₹32.00 से बढ़ाकर ₹35.30 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
आधुनिक साइलो (Silos) के लिए नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक साइलो (अनाज भंडारण के बड़े टावर) में की जाने वाली खरीद के लिए कमीशन मौजूदा नीति के अनुसार मंडियों में लागू दर का 50 प्रतिशत ही दिया जाएगा।












