राजमार्ग प्रवेश पोर्टल

नेशनल हाईवे पर पेट्रोल पंप या ढाबा खोलना हुआ आसान, गडकरी ने लॉन्च किया ‘राजमार्ग प्रवेश पोर्टल’ | The Politics Again

‘नेशनल हाईवे पर पेट्रोल पंप और ढाबा खोलना हुआ आसान: गडकरी ने लॉन्च किया ‘राजमार्ग प्रवेश पोर्टल’, मिनटों में मिलेगी NOC ‘

नई दिल्ली (The Politics Again): श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

अगर आप भारत के किसी व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के किनारे पेट्रोल पंप, रेस्तरां, होटल या गेस्ट हाउस खोलने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने एक उन्नत ‘राजमार्ग प्रवेश पोर्टल’ (Rajmarg Pravesh Portal) लॉन्च किया है।

इस डिजिटल पहल के बाद अब हाईवे के किनारे निर्माण और व्यवसाय के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना पहले से कहीं अधिक तेज़, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गया है।

लंबे इंतजार और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने का युग अब खत्म हो गया है।

क्या है ‘राजमार्ग प्रवेश पोर्टल’ और यह कैसे करेगा काम?

देश का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अब 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक तक फैल चुका है। इस विशाल नेटवर्क को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए यह पोर्टल एक ‘एकल खिड़की समाधान’ (Single Window Solution) के रूप में काम करेगा।

यह प्लेटफॉर्म सरकारी अधिकारियों और आवेदकों के बीच सीधे समन्वय स्थापित करेगा।

पोर्टल पर इन सुविधाओं के लिए कर सकते हैं आवेदन

  • वाणिज्यिक प्रतिष्ठान: पेट्रोल पंप, रेस्तरां, ढाबे और विश्राम क्षेत्र स्थापित करने के लिए व्यवसायियों को त्वरित अनुमति।

  • अवसंरचना तक पहुंच: उद्योग, आवासीय कॉलोनियों और निजी भूस्वामियों को अपनी संपत्तियों को हाईवे से जोड़ने वाली ‘संपर्क सड़कों’ के लिए अनुमोदन।

  • मार्गवर्ती सुविधाएं: यात्रियों और माल ढुलाई की सुविधा के लिए विश्राम केंद्रों और लॉजिस्टिक्स हब का विकास।

  • आवश्यक सुविधाओं का विस्तार: हाईवे के समानांतर या आर-पार पानी और गैस पाइपलाइन, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) और बिजली की लाइनें बिछाने की ऑनलाइन अनुमति।

तब और अब: लाल फीताशाही से ‘डिजिटल इंडिया’ तक का सफर

पहले एक साधारण NOC प्राप्त करने के लिए आवेदकों को कई फील्ड कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे।

फाइलों की भौतिक आवाजाही और खंडित क्षेत्राधिकार के कारण महीनों तक फाइलें अटकी रहती थीं।

लेकिन, इस नए उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म ने पूरी प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं:

  • पेपरलेस सबमिशन: अब सभी दस्तावेज़ डिजिटल रूप से अपलोड किए जा सकते हैं और शुल्क का भुगतान सुरक्षित पेमेंट गेटवे से ऑनलाइन होगा।

  • रीयल-टाइम ट्रैकिंग: आवेदक अब 24×7 अपनी एप्लीकेशन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।

  • समयबद्ध मंजूरी: अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। एक निर्धारित समय सीमा के भीतर ही फाइल को पास करना या प्रतिक्रिया देना अनिवार्य होगा।

  • GIS-सक्षम ऑटो-डिटेक्शन: सही ‘चेनेज’ (सड़क की केंद्र रेखा से दूरी) और अधिकारी के अधिकार क्षेत्र की पहचान अब मैन्युअल न होकर सैटेलाइट/GIS के माध्यम से स्वतः हो जाएगी, जिससे त्रुटियां कम होंगी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का यह कदम न केवल हितधारकों का बहुमूल्य समय और पैसा बचाएगा, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मजबूत बुनियादी ढांचे और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।

राजमार्ग प्रवेश पोर्टल पर आवेदन कैसे करें? (3 आसान स्टेप्स में समझें पूरी प्रक्रिया)

यदि आप भी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अपना व्यवसाय (पेट्रोल पंप, ढाबा आदि) शुरू करना चाहते हैं, तो NOC के लिए इन तीन सरल चरणों का पालन करें:

स्टेप 1: पोर्टल पर पंजीकरण (Registration) और लॉगिन

  • सबसे पहले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक ‘राजमार्ग प्रवेश पोर्टल’ पर जाएं।

  • नए उपयोगकर्ता के रूप में अपना मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी दर्ज करके OTP के माध्यम से अपना अकाउंट बनाएं (Register करें)।

  • सफलतापूर्वक पंजीकरण के बाद अपने डैशबोर्ड पर लॉगिन करें।

स्टेप 2: सही श्रेणी का चयन और डिजिटल दस्तावेज़ अपलोड

  • लॉगिन करने के बाद, अपनी आवश्यकता के अनुसार सही श्रेणी चुनें (जैसे- वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, मार्गवर्ती सुविधाएं, या पाइपलाइन बिछाना)।

  • फॉर्म में मांगी गई बुनियादी जानकारी भरें (जैसे- स्थान, भूमि का विवरण और हाईवे की दूरी/चेनेज)।

  • इसके बाद आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे- भूमि के कागजात, साइट प्लान या नक्शा) स्कैन करके डिजिटल रूप में अपलोड करें। (पोर्टल का GIS सिस्टम लोकेशन को ऑटो-डिटेक्ट कर लेगा)।

स्टेप 3: ऑनलाइन शुल्क भुगतान और रीयल-टाइम ट्रैकिंग

  • सभी दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद, निर्धारित प्रोसेसिंग फीस का भुगतान सुरक्षित डिजिटल पेमेंट गेटवे (UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड) के माध्यम से करें।

  • भुगतान सफल होते ही आपको एक ‘एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर’ मिल जाएगा।

  • अब आप इसी पोर्टल पर किसी भी समय (24×7) लॉगिन करके अपनी एप्लीकेशन का रीयल-टाइम स्टेटस (Status) चेक कर सकते हैं कि आपकी फाइल किस अधिकारी के पास है।

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