शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स मुंबई पोर्ट

रडार बंद कर होर्मुज से निकला ‘शेनलॉन्ग’, भारत पहुंची कच्चे तेल की खेप | The Politics Again

“मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भारत पहुंची कच्चे तेल की पहली खेप, ‘रडार बंद कर’ होर्मुज से सुरक्षित निकला टैंकर ‘शेनलॉन्ग’

मुंबई/नई दिल्ली (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे भीषण युद्ध और ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में की गई समुद्री नाकेबंदी के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।

एक भारतीय कप्तान के नेतृत्व में लाइबेरियाई ध्वज वाले विशाल तेल टैंकर ‘शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स’ (Shenlong Suezmax) ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर लिया है और मुंबई बंदरगाह पर लंगर डाल दिया है।

ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद भारत पहुंचने वाली कच्चे तेल की यह पहली खेप है।

इस जहाज ने ईरान की नजरों से बचने के लिए जिस ‘स्टील्थ’ (Stealth) यानी छिपकर निकलने की रणनीति का इस्तेमाल किया, वह किसी हॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं है।

रडार से ओझल होकर कैसे पार किया ‘मौत का कुआं’?

सऊदी अरब के रास तानूरा बंदरगाह से 1 मार्च को 135,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर चले ‘शेनलॉन्ग’ ने 8 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश किया।

  • AIS ट्रैकिंग बंद की: चूंकि ईरान होर्मुज में चीन को छोड़कर अन्य सभी देशों के व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहा है, इसलिए शेनलॉन्ग ने 8 मार्च की रात अपना ‘AIS ट्रांसपोंडर’ (ट्रैकिंग सिस्टम) बंद कर दिया।

  • गुपचुप एंट्री: रडार और ट्रैकिंग सिस्टम से पूरी तरह ओझल होकर इस जहाज ने खतरनाक जलक्षेत्र को पार किया और फिर 9 मार्च को सुरक्षित समुद्र में पहुंचने के बाद दोबारा सिग्नल ऑन किए।

  • समुद्री ट्रैकर्स लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस और टैंकरट्रैकर्स ने भी पुष्टि की है कि जैमिंग और धमकियों के बीच यह पैंतरा (AIS निष्क्रिय करना) जान बचाने के लिए अपनाया गया था।

मुंबई पहुंचा जहाज, 36 घंटे तक उतरेगा तेल

कैप्टन सुखांत सिंह संधू के नेतृत्व में इस टैंकर पर 29 क्रू मेंबर्स मौजूद हैं, जिनमें भारतीय, पाकिस्तानी और फिलिपिनो नागरिक शामिल हैं।

मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण के उप संरक्षक प्रवीण सिंह के अनुसार, टैंकर दोपहर 1:00 बजे जवाहर द्वीप पहुंचा और शाम 6:06 बजे तक इसकी बर्थिंग शुरू कर दी गई। माहुल रिफाइनरियों में इस भारी-भरकम माल को उतारने में करीब 36 घंटे का समय लगेगा।

संसद के हंगामे और ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव

देश में गैस-पेट्रोल की संभावित कमी, एलपीजी के लिए लगी लंबी कतारों और कच्चे माल की कीमतों में 30% वृद्धि को लेकर संसद में भारी बवाल मचा हुआ है (जैसा कि कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है)।

शेनलॉन्ग के मुंबई पहुंचने से देश की रिफाइनरियों को स्थिरता मिलेगी और सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देने में कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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