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PM मोदी का ऐलान: केयर इकोनॉमी और हेल्थ सेक्टर में रोजगार के नए अवसर

“PM मोदी का बड़ा विजन: ‘केयर इकोनॉमी’ और टेलीमेडिसिन में युवाओं के लिए बंपर अवसर, जन आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार का लक्ष्य “

नई दिल्ली (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को केंद्रीय बजट के बाद आयोजित एक अहम वेबिनार को संबोधित किया।

इस वेबिनार का मुख्य विषय ‘सबका साथ, सबका विकास- लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना’ था।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन आकांक्षाओं की पूर्ति केवल चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि यही मौजूदा बजट का मूल ध्येय और सरकार का सबसे बड़ा संकल्प है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष जोर

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा, कौशल (Skill), स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे मूलभूत सेक्टर हैं। यही कारण है कि सरकार इन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश और नीतियां बना रही है।

स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार और ‘केयर इकोनॉमी’ का उदय

प्रधानमंत्री ने देश के मजबूत होते हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर (Health Infrastructure) का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आज निवारक (Preventive) और समग्र स्वास्थ्य के विजन पर काम कर रहा है।

सैकड़ों जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक पहुंच गई हैं।

उन्होंने ‘केयर इकोनॉमी’ (Care Economy) को भविष्य का सबसे बड़ा सेक्टर बताते हुए कहा:

  • आने वाले दशक में देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
  • दुनिया के कई देशों में ‘केयरगिवर्स’ (Caregivers) की भारी मांग पैदा हो रही है।
  • ऐसे में भारत के हेल्थ सेक्टर में लाखों युवाओं के लिए स्किल-आधारित रोजगार के असीमित अवसर तैयार हो रहे हैं। पीएम ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से नए ट्रेनिंग मॉडल विकसित करने के सुझाव भी मांगे।

टेलीमेडिसिन: दूर-दराज के गांवों तक पहुंच रहा इलाज

पीएम मोदी ने बताया कि डिजिटल इंडिया के दौर में टेलीमेडिसिन (Telemedicine) सुविधा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति ला दी है।

बड़ी संख्या में दूर-दराज के ग्रामीण अब घर बैठे इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस दिशा में जागरूकता और सहजता को और बढ़ाने पर जोर दिया।

युवाओं का माइंडसेट और ‘खेलो इंडिया’

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में देश की सोच में बड़ा बदलाव आया है। आज गांव, कस्बे और शहर की सीमाओं से परे भारत का हर युवा कुछ नया (Innovation) करना चाहता है।

उन्होंने खेलों को राष्ट्रीय विकास से जोड़ते हुए कहा, “युवाशक्ति तभी राष्ट्रीय शक्ति बनती है, जब वह स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वास से भरपूर हो।”

खेलो इंडिया’ (Khelo India) जैसी पहलों ने देश के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को एक नई ऊर्जा दी है और देशभर में विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

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