Indians return from Middle East

पश्चिम एशिया युद्ध: दिल्ली लौटे भारतीय यात्रियों ने सुनाई खौफनाक आपबीती

“होटल से दिख रही थीं मिसाइलें, गूंज रहे थे धमाके”, पश्चिम एशिया से डरे-सहमे लौटे भारतीय यात्रियों ने सुनाई खौफनाक आपबीती “

नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच भड़के महायुद्ध का असर अब पश्चिम एशिया (Middle East) में रहने और यात्रा करने वाले आम नागरिकों पर साफ दिखने लगा है।

गुरुवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर पहुंचे कई भारतीय यात्रियों ने युद्धग्रस्त क्षेत्र की जो खौफनाक आपबीती सुनाई, वह दिल दहला देने वाली है।

हवाई क्षेत्र में मिसाइलों के मंडराने और उड़ानों के रद्द होने के कारण सैकड़ों भारतीय वहां फंस गए थे, जिन्हें अब सुरक्षित निकाला जा रहा है।

होटल से दिख रही थीं मिसाइलें, खौफ का माहौल

दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख हवाई अड्डों से उड़ानें लगातार रद्द होने के कारण यात्रियों को फुजैराह और दमाम जैसे वैकल्पिक मार्गों से भारत लौटना पड़ा।

फुजैराह के रास्ते दिल्ली पहुंचे एक यात्री ने बताया कि हालात बेहद तनावपूर्ण थे। उनके मुताबिक, “होटल के कमरे से भी मिसाइल हमलों की आवाज़ें साफ सुनाई दे रही थीं और आसमान में धमाके देखे जा सकते थे।

अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमले की खबर के बाद डर का माहौल इतना बढ़ गया था कि हर कोई जल्द से जल्द वहां से निकलना चाहता था।”

एक अन्य यात्री, जिनकी फ्लाइट लंदन से आनी थी, उन्होंने बताया कि उड़ानों में बाधा के कारण वे पांच दिन तक बहरीन में ही फंसे रहे और वहां भी हर तरफ खौफ का साया था।

भारतीय दूतावासों ने जारी की एडवाइजरी: ‘शांत और सतर्क रहें’

पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं। दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए सख्त सुरक्षा सलाह (Advisory) जारी की है:

  • यूएई दूतावास की सलाह: यूएई में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क और शांत रहने, स्थानीय अधिकारियों के सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है।

  • फ्लाइट अपडेट: दूतावास ने स्पष्ट किया है कि नियमित उड़ानें अभी निलंबित हैं, लेकिन कुछ एयरलाइंस ने भारत के लिए सीमित ‘गैर-निर्धारित’ (Non-scheduled) उड़ानें शुरू कर दी हैं। फंसे हुए भारतीय अपनी एयरलाइंस से संपर्क कर इन उड़ानों का लाभ उठा सकते हैं।

  • कुवैत और कतर: कुवैत स्थित दूतावास भी एयरस्पेस बंद होने से प्रभावित भारतीयों की मदद के लिए लगातार स्थानीय अधिकारियों, होटलों और एयरलाइनों के संपर्क में है।

भारत सरकार और एयरलाइंस युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

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