महाशिवरात्रि आज: शिवालयों में गूंजा ‘हर-हर महादेव’, कई दशकों बाद बने अद्भुत संयोग; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
“आज 15 फरवरी 2026 (रविवार) को देश भर में महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का महापर्व पूरी आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है”
नई दिल्ली/वाराणसी: THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट
शिव और शक्ति के मिलन की इस पावन बेला पर सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया है।
आज बने हैं दुर्लभ राजयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार की महाशिवरात्रि बेहद खास है। पंचांग की गणना के मुताबिक, आज एक साथ कई शुभ योग और राजयोगों का निर्माण हो रहा है:
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शुभ योग: शिव योग, सर्वार्थसिद्धि योग, आयुष्मान योग, और सौभाग्य योग।
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राजयोग: बुधादित्य, शुक्रादित्य, लक्ष्मी नारायण और चतुर्ग्रही राजयोग। इन योगों में की गई पूजा और जलाभिषेक का फल कई गुना बढ़ जाता है।
जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त (Abhishek Muhurat)
भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक का समय बहुत महत्वपूर्ण है:
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सुबह का मुहूर्त: 08:24 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक।
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शाम का मुहूर्त: 06:11 बजे से 07:47 बजे तक।
4 प्रहर की पूजा का समय (रात्रि जागरण के लिए):
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प्रथम प्रहर: शाम 06:39 से रात 09:45 तक।
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द्वितीय प्रहर: रात 09:45 से 12:52 तक।
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तृतीय प्रहर: रात 12:52 से सुबह 03:59 तक।
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चतुर्थ प्रहर: सुबह 03:59 से 07:06 तक।
सरल पूजा विधि: ऐसे करें शिव को प्रसन्न
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अभिषेक: शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी और गन्ने के रस से अभिषेक करें।
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मंत्र: तांबे के लोटे से जल चढ़ाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्’ का जाप करें।
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अर्पण: शिवलिंग पर चंदन लगाएं, 11 या 21 बेलपत्र, शमी के फूल, भांग, धतूरा और बेर अर्पित करें।
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आरती: अंत में शिव चालीसा का पाठ करें, घी का चौमुखी दीपक जलाएं और शिव परिवार की आरती करें।











