पीएम मोदी का नया पता अब ‘सेवा तीर्थ’: साउथ ब्लॉक से शिफ्ट हुआ PMO, कर्तव्य पथ पर हाईटेक प्रशासनिक परिसर का उद्घाटन
“भारत के सत्ता के गलियारों में आज (शुक्रवार, 13 फरवरी 2026) एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ है”
नई दिल्ली: THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता अब बदल गया है। दशकों तक रायसीना हिल के साउथ ब्लॉक से देश की सरकार चलाने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने नए कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का अनावरण किया। यह नया परिसर कर्तव्य पथ पर स्थित है और साउथ ब्लॉक से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है।
‘सेवा तीर्थ’: सत्ता का नया केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन का उद्घाटन किया। ‘सेवा तीर्थ’ में अब देश के तीन सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय एक साथ होंगे:
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
- राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS)
- कैबिनेट सचिवालय
इस मौके पर पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद रहे।
शाम को ‘कर्तव्य भवन’ का भी होगा उद्घाटन
सिर्फ पीएमओ ही नहीं, बल्कि कई प्रमुख मंत्रालय भी अब नई जगह से काम करेंगे। पीएम मोदी आज शाम को ‘कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स-1 और 2’ का उद्घाटन करेंगे।
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कौन से मंत्रालय होंगे शिफ्ट? वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और शिक्षा मंत्रालय जैसे अहम विभाग इन नई इमारतों में शिफ्ट होंगे।
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फायदा: अब तक ये मंत्रालय अलग-अलग पुराने भवनों में बिखरे हुए थे, जिससे समन्वय में दिक्कत होती थी। अब एक ही जगह (Central Vista) होने से कामकाज में तेजी आएगी।
हाईटेक और ग्रीन बिल्डिंग
नया परिसर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की तस्वीर है:
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डिजिटल इंटीग्रेशन: सभी कार्यालय पूरी तरह डिजिटल और इंटरकनेक्टेड हैं।
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ग्रीन रेटिंग: इसे 4-स्टार GRIHA रेटिंग (ग्रीन बिल्डिंग मानक) के तहत बनाया गया है। इसमें सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और वेस्ट मैनेजमेंट के इंतजाम हैं।
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सुरक्षा: अधिकारियों के अनुसार, यहाँ ‘स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम’ और आधुनिक सर्विलांस नेटवर्क लगाया गया है, जो इसे अभेद्य बनाता है।
साउथ ब्लॉक का क्या होगा?
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत, पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को भविष्य में ‘राष्ट्रीय संग्रहालय’ (National Museum) में बदलने की योजना है, जो भारत के समृद्ध इतिहास को प्रदर्शित करेगा।












