टीवीके प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली में भगदड़, अब तक 39 की मौत

“तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि रैली में 39 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन समेत कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने हादसे पर दुख जताया है” 

करूर 28 / 09 / 2025 द पॉलिटिक्स अगेन डिजिटल डेस्क 

तमिलनाडु के करूर जिले में एक्टर विजय की रैली में भगदड़ मचने से 36 लोगों की मौत हो गई है। तमिलगा वेट्री कषगम के नेता और एक्टर विजय ने इस रैली का आयोजन किया था।  रैली के दौरान अचानक भगदड़ मच गई। हताहत होनेवालों में महिलाओं और बच्चे भी शामिल हैं। करूर जिला अस्पताल में सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है। 

करूर में मौजूद मंत्री M सुब्रमण्यम ने कहा- भगदड़ में 36 लोगों की मौत हुई है, 70 से ज्यादा घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है घायलों की हालत स्थिर है। भगदड़ में जिन 36 लोगों की मौत हुई है उनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

सीएम स्टालिन ने किया मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घटना में 36 लोगों की मौत की पुष्टि की और प्रत्येक शोक संतप्त परिवार को 10 लाख रुपये और गहन चिकित्सा कक्ष (ICR) में भर्ती लोगों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस त्रासदी की जांच के लिए रिटायर्ट जस्टिस अरुणा जगदीशन के नेतृत्व में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया है।

पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-“तमिलनाडु के करूर में एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं इस कठिन समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूं। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

स्टालिन ने हादसे के बाद क्या कहा?

हादसे के तुरंत बाद तमिलनाडु के सीएम M K स्टालिन ने कहा कि करूर से आ रही खबर चिंताजनक है। 2 मंत्री और स्थानीय MLA घायल लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वे भीड़ में फंसकर बेहोश हुए और अस्पताल में भर्ती हुए लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा प्रदान करें।

मैंने पड़ोसी तिरुचिरापल्ली ज़िले के मंत्री को भी युद्धस्तर पर सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, मैंने एडीजीपी से बात करके स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने को कहा है। मैंने जनता से डॉक्टरों और पुलिस के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन देर रात राज्य सचिवालय पहुंचे जहां उन्होंने मुख्य सचिव, DGP सहित सीनियर अधिकारियों के साथ करूर रैली में हुई भगदड़ पर आपात बैठक की। मुख्यमंत्री स्टालिन रविवार को करूर का दौरा करेंगे। 

सूत्रों के मुताबिक जब TVK ने विजय के रोड शो की अनुमति मांगी, तब प्रशासन ने करूर में एक खुले मैदान में सभा करने की सलाह दी थी। लेकिन पार्टी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। भीड़ विजय की वैन के साथ साथ पैदल चलने लगी।

भीड़ बढ़ती गयी जिसके कारण कई लोग थक गए। सूत्रों के मुताबिक जितनी संख्या में भीड़ जमा हुई उस लिहाज से “पीने ​​के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ कार्यक्रम में आई थीं।

प्रबंधन की चूक बनी 39 मौतों की वजह

हादसे को लेकर कई बड़ी बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस रैली के लिए आयोजकों ने तीस हजार लोगों के लिए अनुमति ली थी, लेकिन वहां 60 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इतना ही नहीं खुद  विजय अपने तय समय से काफी देरी से रैली में पहुंचे।

जबकि उनके समर्थक और लोग काफी पहले से ही वहां इकट्ठे हो चुके थे। भीषण गर्मी में काफी देर से खड़े रहने के कारण कुछ लोगों की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर गिर पडे, जिसके बाद अचानक माहौल अफरातफरी वाला हो गया और भगदड़ मच गई। 

तय संख्या से दोगुने लोग पहुंचे, खुद विजय छह घंटे देरी से आए

तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय के राज्यव्यापी दौरे के तहत रैली की गई थी। रैली के लिए विजय ने तीस हजार लोगों की अनुमति ली थी, लेकिन 60 हजार से अधिक लोग पहुंच गए। विजय को दोपहर एक बजे के आसपास पहुंचना था। लेकिन नमक्कल में रैली को संबोधित करने के बाद वह छह घंटे से अधिक की देरी से रैली स्थल पर पहुंचे। 

सुबह 11 बजे से जुटने लगे थे समर्थक, विजय शाम सात बजे के बाद आए
 
डीजीपी ने बताया कि रैली की अनुमति दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक दी गई थी, लेकिन भीड़ सुबह 11 बजे से ही इकट्ठा होने लगी थी। जब विजय शाम 7 बजकर 40 मिनट पर पहुंचे, तब तक लोग घंटों बिना पर्याप्त भोजन और पानी के इंतजार कर रहे थे।
 
डीजीपी जी. वेंकटरमन बोले- 500 पुलिसकर्मी तैनात थे
राज्य के कार्यवाहक डीजीपी जी. वेंकटरमन ने हादसे के बारे में बताया कि मृतकों में 12 पुरुष, 16 महिलाएं और 10 बच्चे (पांच लड़के और पांच लड़कियां) शामिल हैं। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि भीड़ उम्मीद से कहीं ज्यादा उमड़ी। अभियान स्थल पर अभिनेता-नेता विजय के संबोधन के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे।
 
टीवीके ने खुले में रैली करने से मना किया
पुलिस के अधिकारी ने बताया कि टीवीके पदाधिकारियों ने करूर में खुले स्थान में रैली करने से इन्कार कर दिया था। लोग वाहन के साथ चलते रहे और भीड़ बढ़ने के कारण थक गए। रैली स्थल पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ कार्यक्रम में आई थीं। सभा के लिए खुला मैदान ज्यादा सुरक्षित होता, लेकिन आयोजक इस सुझाव पर सहमत नहीं हुए।
 
प्रत्यक्षदर्शी बोले- भूखे-प्यासे कर रहे थे इंतजार
नंदा कुमार नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “हम खुद वहां मौजूद थे। भीड़ संभालने का कोई उपाय नहीं था। विजय के 11 बजे आने की सूचना थी, लेकिन वे काफी देर से पहुंचे। लोग बच्चों के साथ आए थे, भूखे-प्यासे थे, और सिर्फ एक झलक पाने की उम्मीद में घंटों खड़े रहे।
 
ऐसे में स्थिति बेकाबू हो गई। यह बहुत दुखद घटना है। आयोजकों को इतनी भीड़ का अंदाज़ा था या नहीं, कहना मुश्किल है, लेकिन ऐसी घटनाएं दोहराई नहीं जानी चाहिए।
 
जांच आयोग गठित, मुआवजे की घोषणा
वहीं, मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि सरकार ने भगदड़ की घटना के कारणों की जांच के लिए एक आयोग की घोषणा की है। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीशन करेंगे। उन्होंने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की। प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये और घायल व्यक्ति को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे।
 
टीवीके पदाधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज
 
पुलिस ने टीवीके के करूर पश्चिम जिला सचिव वीपी मथियाझागन के खिलाफ भगदड़ के सिलसिले में मामला दर्ज किया है। कार्यक्रम के दौरान मानदंडों के उल्लंघन के लिए चार धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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