UP PGT Exam

यूपी PGT परीक्षा आज से : 319 केंद्रों पर 4.64 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

यूपी PGT परीक्षा का महाकुंभ: 319 केंद्रों पर 4.64 लाख अभ्यर्थी आजमाएंगे किस्मत, परीक्षा कक्ष में ही होगी OMR की लाइव स्कैनिंग

प्रयागराज: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए आज का दिन बेहद अहम है।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती-2022 की परीक्षा आज (9 मई) और कल (10 मई) को प्रदेश के 17 मंडल मुख्यालयों पर आयोजित की जा रही है।

इस परीक्षा में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, क्योंकि 18 अलग-अलग विषयों के मात्र 624 पदों के लिए पूरे प्रदेश से 4.64 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए आयोग ने कमर कस ली है और इस बार सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कई तकनीकी प्रयोग भी किए जा रहे हैं।

क्या है परीक्षा का शेड्यूल (दो पालियों में परीक्षा)?

यह परीक्षा कुल 319 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। आयोग ने विषयों को दिन और पालियों के अनुसार इस प्रकार बांटा है:

  • 9 मई (प्रथम पाली): भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षा शास्त्र।

  • 9 मई (द्वितीय पाली): अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र।

  • 10 मई (प्रथम पाली): नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान।

  • 10 मई (द्वितीय पाली): रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी और कला विषय।

AI कैमरों से लैस केंद्र, DM-SP करेंगे सीधी निगरानी

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने सभी परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की अंतिम समीक्षा की है।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी परीक्षा केंद्रों के कक्षों और संवेदनशील स्थानों को अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है।

इन सभी कैमरों को जिला और आयोग के मुख्य कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। हर जिले में परीक्षा की निगरानी के लिए एक-एक विशेष प्रेक्षक तैनात किया गया है।

इसके अलावा, डीएम (DM) और एसपी (SP) स्तर के वरिष्ठ अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे।

पारदर्शिता की नई पहल: परीक्षा कक्ष में ही होगी OMR की स्कैनिंग

इस बार की परीक्षा में आयोग एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयोग करने जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर एक ‘पायलट प्रोजेक्ट’ लागू किया गया है।

इसके तहत, हर पाली की परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद, अभ्यर्थियों की ओएमआर (OMR) शीट को बाहर ले जाने के बजाय, कक्ष निरीक्षक और अभ्यर्थियों की मौजूदगी में परीक्षा कक्ष के भीतर ही स्कैन किया जाएगा।

स्कैनिंग के बाद इस डिजिटल डाटा को आयोग के सर्वर पर सुरक्षित कर लिया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इस डिजिटल डाटा का मिलान मूल ओएमआर शीट से किया जा सकेगा, ताकि किसी भी तरह की हेराफेरी की गुंजाइश न रहे।

आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और अगर यह परीक्षण सफल रहा, तो इसे उत्तर प्रदेश की आगामी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा।

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