“शाहपुरजी-पलौनजी और एफकॉन्स की खींचतान से परेशान हुए ठेकेदार, डेढ़ वर्षों से नहीं हुआ भुगतान, तीन महीनों से बंद पड़ा है फोरलेन प्रोजेक्ट का काम, 50 करोड़ से ज्यादा का पैसा हो गया है लेने को, कर्ज में डूब गए हैं ठेकेदार”
मंडी 23 / 08 / 2024 (शब्द) नीतू कौशल की रिपोर्ट
सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण कीतरपुर-मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत बन रहे पंडोह बायपास टकोली प्रोजेक्ट का काम बीते तीन महीनों से बंद पड़ा हुआ है।
यहां दो कंपनियों की आपसी खींचतान के कारण जहां काम रूका पड़ा है वहीं, ठेकेदारों का भुगतान न होने से वह भी कर्ज तले डूब गए हैं।
आपको बता दें कि पंडोह बायपास टकोली प्रोजेक्ट का काम शाहपुरजी-पलौनजी कंपनी को मिला हुआ है। कंपनी ने इस काम को एफकॉन्स कंपनी को सबलेट कर रखा है।
जितने भी ठेकेदार हैं वो सभी एफकॉन्स के अधीन काम कर रहे हैं। ऐसे में इनकी अदायगी की जिम्मेवारी भी एफकॉन्स की ही बनती है।
लेकिन कंपनी बीते डेढ़ वर्षों से यह कहकर भुगतान नहीं कर रही कि उन्हें शाहपुरजी-पलौनजी कंपनी की तरफ से भुगतान नहीं किया जा रहा।
कंपनी ने अपने स्तर पर जो संभव था वो भुगतान कर दिया। लेकिन अब उसके पास भी बकाया भुगतान के लिए पैसे नहीं बचे हैं।
वहीं, दूसरी तरफ शाहपुरजी-पलौनजी कंपनी का कहना है कि वह समय पर भुगतान कर रहे हैं और ठेकेदारों को भुगतान करना एफकॉन्स का काम है।
इसी चक्कर में इस प्रोजेक्ट का काम कर रहे करीब 3 दर्जन से ज्यादा स्थानीय ठेकेदार परेशान हो गए हैं। इन ठेकेदारों को 50 करोड़ से अधिक की लेनदारी लेने को हो गई है।
अब इन ठेकेदारों ने केंद्रीय मंत्री नीतिन गड़करी को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। गुरुवार को इस पत्र की कॉपी इन सभी ठेकेदारों ने एफकॉन्स, शाहपुरजी-पलौनजी, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, डीसी मंडी और एसपी मंडी को भी सौंपी और कार्रवाई की गुहार लगाई।
स्थानीय ठेकेदार रोत राम, अनिल सोनी और महेंद्र पाल सहित अन्यों ने बताया कि बीते करीब दो वर्षों से इन्हें पूरा भुगतान नहीं हो रहा है। बीते तीन महीनों से तो काम भी बंद है और भुगतान भी।
लोन लेकर जो मशीनरी खरीदी है उसकी किस्तें नहीं दे पा रहे हैं। मजदूरों की बकाया भुगतान करना बाकी है। खुद इन ठेकेदारों को लाखों-करोड़ों की देनदारियां देने को हो गई हैं और यह पूरी तरह से कर्ज में डूब गए हैं।
इन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रबंधन एक सप्ताह में भुगतान नहीं करती है तो फिर सभी ठेकेदार सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे जिसकी जिम्मेवारी दोनों कंपनी प्रबंधन की होगी।
गुरुवार को इन सभी ठेकेदारों ने एफकॉन्स और शाहपुरजी-पलौनजी कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों की कंपनियों की तरफ से इन्हें कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिला।
एफकॉन्स के एचआर हैड ज्ञान सिंह का कहना था कि अभी भुगतान होने में कम से कम दो महीनों का समय लग सकता है।
जबकि शाहपुरजी-पलौनजी के टीम लीडर आदर्श पन्होत्रा ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि ठेकेदारों को भुगतान करना उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
इस मौके पर राजेंद्र कुमार, विक्रांत शर्मा, रोहित, देवेंद्र कुमार, इंद्र सिंह, गगन कुमार, नरेंद्र कुमार, विजय कुमार, तुलसी राम, महेश कुमार, लीला प्रकाश, भरत कमार, हेम राज, भूषण ठाकुर, आनंद कुमार, तेजेंद्र कुमार, संतोष और दीपू शर्मा सहित करीब तीन दर्जन स्थानीय ठेकेदार मौजूद रहे।
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