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हिमाचल समाचार/ ऊना – लोअर देहलां और भटोली के 11 लोगों की बाढ़ हादसे में मौत होने पर भाजपा ने ज्ञापन सौपकर की मुआवजे की मांग

“विधायक सतपाल सत्ती ने प्रदेश सरकार पर साधा निशाना, फौरी राहत जारी नहीं होने पर उग्र हुई भाजपा, बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन”

ऊना 23 / 08 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट 

11 अगस्त को हुई भारी बारिश के चलते आई बाढ़ में जिला ऊना के लोअर देहलां और भटोली के करीब 11 लोगों की मौत हो जाने के 12 दिन बाद भी प्रभावित परिवारों को फौरी राहत जारी नहीं करने पर भाजपा उग्र हो गई है।

शुक्रवार को स्थानीय विधायक सतपाल सत्ती की अगुवाई में बाढ़ प्रभावित परिवारों के आश्रितों को साथ लेकर भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने रोष जताया।

इस मौके पर विधायक ने प्रदेश सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर हमले किए उन्होंने कहा कि इस हादसे में 11 अनमोल जिंदगियां चली गई लेकिन सरकार के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी केवल खाली हाथ प्रभावितों के घरों में चक्कर लगाकर वापस आते रहे।

न तो सरकार के पास इन आश्रितों के भविष्य को लेकर सोचने का समय है और न ही प्रशासनिक अधिकारी इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस नींद से जगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी को आज मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजना पड़ा है।

विधायक ने जिला प्रशासन के माध्यम से इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार को ज्ञापन पत्र भी भेजा है। शुक्रवार को स्थानीय विधायक सतपाल सिंह सत्ती की अगुवाई में ऊना मंडल भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवारों के आश्रितों को साथ लेकर रोष व्यक्त किया।

इस मौके पर रोष जताने के साथ जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन पत्र भी भेजा गया। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पीड़ित परिवारों के पास सांत्वना जताने के लिए खुद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारी भी कई बार गए।

लेकिन बड़े दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि इस अत्यंत दुखदाई इस घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार के किसी प्रतिनिधि या किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इन पीड़ित परिवारों को फौरी राहत के रूप में कोई आर्थिक सहायता नहीं दी।

उन्होंने इस हादसे के बाद तीन परिवार ऐसे हैं जिसमें केवल एक-एक सदस्य ही जिंदा बच पाया। जिनमें से दो परिवारों के तो मुखिया ही इस हादसे में चले गए।

जबकि एक परिवार का शेष बचा सदस्य अभी शिक्षा ही ग्रहण कर रहा है। चौथे परिवार में से जो गाड़ी का चालक इस हादसे का शिकार हुआ, वही उस परिवार का मुखिया और पालक था।

उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना के बाद इन पीड़ित परिवारों को केवल मात्र आसपास के लोगों की ही थोड़ी बहुत मदद मिल रही है।

जबकि मदद के रूप में यदि देखा जाए तो प्रदेश की सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से गायब नजर आते हैं।

विधायक ने कहा कि इस घटना में दो परिवार ऐसे हैं जिनके शेष बचे एक एक सदस्य घटना का पता चलते ही विदेश से अपना रोजगार छोड़कर वापस घर लौटे, जबकि अब उनका भी भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।

उन्होंने मांग की है कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों को फौरी राहत प्रदान करने के साथ-साथ ऐसी घटनाओं में जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रितों को सरकार की तरफ से दिए जाने वाले रिलीफ मैन्युअल की भी जल्द घोषणा करे। 

Santosh SETH

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