” डिजीटल युग में यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) ने लेन-देन को बेहद आसान और तेज़ बना दिया है। लेकिन बढ़ते साइबर अपराधों के कारण यूपीआई का सुरक्षित उपयोग करना बेहद जरूरी हो गया है, साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, और नए तरीके अपनाकर लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
हाल के घटनाक्रमों में कई प्रकार के साइबर अपराध सामने आए हैं, जैसे डिजिटल अरेस्ट और नकली सरकारी ऐप्स का उपयोग, इस बारे में और अधिक जानते है आज़मगढ़ जनपद में कार्यरत ओम प्रकाश जायसवाल (साइबर क्राइम विशेषज्ञ ) द्वारा की कैसे साइबर फ्राड से बचा जाए “
नई दिल्ली 27 / 11 / 2024 ख़ुशी मौर्या की रिपोर्ट
डिजिटल युग में साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी ऐप्स, और व्यक्तिगत डेटा की चोरी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। “डिजिटल अरेस्ट,” फर्जी सरकारी ऐप्स, और फिशिंग जैसे तरीकों के माध्यम से ठग लोगों को आर्थिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं .
साइबर अपराध से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों और डिजिटल जागरूकता पर बल दिया जा रहा है। सरकारी एजेंसियां और सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार जनता को सतर्क रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। डिजिटल सुरक्षा और साइबर हेल्पलाइनों का उपयोग इन अपराधों को रोकने में मददगार साबित हो सकता है।
नए साइबर अपराध
फर्जी ऐप्स और धोखाधड़ी: हाल में पीएम किसान योजना के नाम पर एक नकली ऐप के जरिए लोगों की संवेदनशील जानकारी चोरी की गई। ऐसे ऐप्स डाउनलोड करने से बचना चाहिए और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेनी चाहिए
डिजिटल अरेस्ट: साइबर अपराध का नया तरीका
हाल के दिनों में “डिजिटल अरेस्ट” साइबर ठगी का नया और खतरनाक तरीका बनकर उभरा है। इस अपराध में ठग खुद को पुलिस या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। यह उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं और उनकी गोपनीय जानकारी चुरा लेते हैं।
फर्जी ऐप्स और धोखाधड़ी से बचाव: डिजिटल सुरक्षा पर विशेष रिपोर्ट
आजकल साइबर अपराधी फर्जी ऐप्स और तकनीकी धोखाधड़ी के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में पीएम किसान योजना के नाम पर एक नकली ऐप का इस्तेमाल करके संवेदनशील जानकारी चुराने और वित्तीय ठगी के मामले सामने आए हैं।
धोखाधड़ी की विधि:
बचाव के उपाय:
हालिया मामले:
कार्यप्रणाली:
हालिया मामले:
बचाव के उपाय:
साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहना और जागरूकता जरूरी है। यूपीआई पिन, ओटीपी और खाता नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को गोपनीय रखना अनिवार्य है।असुरक्षित वेबसाइट्स और अनजान लिंक्स से बचकर ही डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
यूपीआई पिन को कभी भी किसी के साथ साझा न करें
यूपीआई उपयोग में मददगार टिप्स
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