Prime Minister Narendra Modi leading Russian President Vladimir Putin and Iranian President Masoud Pezeshkian on the red carpet during the BRICS Business Forum 2026 in New Delhi, India.
ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026: नई दिल्ली में पीएम मोदी ने किया वैश्विक नेताओं का नेतृत्व, आर्थिक सहयोग और नए ‘ग्रोथ इंजन’ पर जोर”
नई दिल्ली : संतोष सेठ, संपादक (THE POLITICS AGAIN)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026’ में दुनिया के शीर्ष नेताओं का नेतृत्व कर भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक और आर्थिक ताकत का शानदार प्रदर्शन किया।
शिखर सम्मेलन स्थल पर बिछे रेड कार्पेट पर पीएम मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा कदमताल करते नजर आए।
इस दौरान दीवार पर “ब्रिक्स इंडिया 2026” की ब्रांडिंग प्रमुखता से चमक रही थी। पीएम मोदी मुस्कुराते हुए सभी राष्ट्राध्यक्षों की अगुवाई कर रहे थे, जो वैश्विक मंच पर भारत की सशक्त भूमिका को दर्शाता है।
शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से एक दिन पहले आयोजित बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स को वैश्विक इनोवेशन और समाधान का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, “आज ब्रिक्स देश दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत जीडीपी और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।”
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जहां वैश्विक जीडीपी ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी साढ़े चार गुना बढ़ी है। उन्होंने इसे अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम करार दिया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ अर्थव्यवस्थाओं के आकार में नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण के नेटवर्क के जरिए व्यावहारिक सहयोग में है।
उन्होंने वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता, सप्लाई-चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव के लिए आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल ने दुनिया को सबसे जटिल दौर में ला खड़ा किया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इन कठिन परिस्थितियों में ब्रिक्स की क्या रणनीतिक प्रतिक्रिया होगी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की रीढ़ के रूप में भरोसेमंद बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संबंधों को अहम बताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया वर्तमान में गहरे और संरचनात्मक बदलावों से गुजर रही है। पुतिन ने पश्चिमी देशों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि 20वीं सदी के उत्तरार्ध के पुराने आर्थिक अगुआ देशों की जगह अब विकास के नए इंजन ले रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि उन पुराने नेताओं के पास अभी भी मजबूत बुनियादी ढांचा और वैज्ञानिक ताकत मौजूद है।
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