फिर सुलगा मणिपुर – इंफाल में मंत्रियों-विधायकों के घर में घुसकर तोड़फोड़, लगा कर्फ्यू

“मणिपुर सरकार के तीन मंत्रियों और छह विधायकों के आवास का घेराव किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ भी। तीन विधायकों की संपत्तियों को आग लगा दी गई। पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद सरकार ने इंफाल घाटी में कर्फ्यू लगा दिया”

इम्फाल 17 / 11 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

जिरीबाम में तीन लोगों के शव मिलने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के विरोध में लोग सड़क पर उतर आए और मणिपुर सरकार के तीन मंत्रियों और छह विधायकों के आवास का घेराव किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ भी की।

तीन विधायकों की संपत्तियों को आग लगा दी गई। पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद सरकार ने इंफाल घाटी में कर्फ्यू लगा दिया। जबकि सात जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। 

सबसे पहले प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने लामफेल सनाकेथेल इलाके में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सापम रंजन के आवास पर धावा बोला। यहां पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की।

इसके बाद लामफेल सनाकेथेल विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधि डेविड ने बताया कि मंत्री सापम ने आश्वासन दिया कि तीन लोगों के शव मिलने के मुद्दे पर कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी। अगर सरकार लोगों की भावनाओं का सम्मान करने में विफल रही तो वह अपना इस्तीफा दे देंगे।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री एल सुसिंद्रो के घर का भी घेराव किया। भीड़ ने सुसिंद्रो के घर के बाहर तोड़फोड़ का प्रयास किया।

इसके बाद सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों पर कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने सिंगजामी इलाके में नगर प्रशासन आवास विकास मंत्री वाई खेमचंद के आवास को भी निशाना बनाया।

सागोलबंद इलाके में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा विधायक आरके इमो के आवास के सामने इकट्ठा होकर नारे लगाए। लोगों ने सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की। साथ ही अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए कहा। भीड़ ने भाजपा विधायक के घर में तोड़फोड़ की और विधायक की संपत्ति को आग के हवाले कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने इंफाल पश्चिम के तेरा में भाजपा विधायक सपाम कुंजाकेसोर के आवास का घेराव करते हुए उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के आवास के बाहर खड़ी एक गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया गया।

वहीं थांगमेइबंद में भाजपा के एक और विधायक जॉयकिशन सिंह के आवास में भी तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों ने वांगखेई निर्वाचन क्षेत्र के जदयू विधायक टी अरुण और लंगथाबल के भाजपा विधायक करम श्याम के घरों का घेराव किया।

केशामथोंग निर्वाचन क्षेत्र के निर्दलीय विधायक सपाम निशिकांत सिंह से मिलने उनके टिडिम रोड आवास पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों को जब पता लगा कि विधायक घर पर नहीं हैं तो उनके स्थानीय समाचार पत्र के कार्यालय भवन को निशाना बनाया गया। यहां भीड़ ने तोड़फोड़ की। इसके अलावा दो अन्य विधायकों के घर के बाहर भी नारेबाजी की गई। 

प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर विधानसभा के पास थांगमेइबंद इलाके में एक सड़क के बीच में टायरों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारी जब राजभवन और मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे गए।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बल के वाहनों में ले जाया गया। वहीं मुख्य सचिव विनीत जोशी ने दो दिन के लिए इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर, थौबल, काकचिंग, कांगपोकपी और चुराचांदपुर के वर्तमान प्रभावित जिलों के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश दिया। 

मिजोरम सरकार ने मणिपुर में हाल की घटनाओं के बाद शनिवार को लोगों से राज्य में सांप्रदायिक हिंसा से बचने के लिए सावधानी बरतने के लिए कहा। मिजोरम गृह विभाग ने कहा कि मणिपुर के लोगों से ऐसे कार्यों से बचें, जो राज्य के भीतर सांप्रदायिक घटनाओं को भड़का सकते हैं।

प्रदेश सरकार सभी बाहरी और खासतौर पर मणिपुर के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने मणिपुर में हाल में हुई हिंसा पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों व हिंसा में घायल हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले सोमवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 11 संदिग्ध उग्रवादी मारे गए। इन उग्रवादियों ने काले कपड़ने पहने हुए थे और अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे।

उन्होंने जिरिबाम जिले के एक थाने और एक सीआरपीएफ शिविर पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इसके एक दिन बाद उग्रवादियों ने जिरीबाम जिले के छह नागरिकों का अपहरण किया, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

इसके बाद मणिपुर-असम सीमा पर जिरी और बराक नदी के संगम के पास तीन शव बरामद किए गए। ऐसा माना जा रहा है कि बरामद हुए तीन शव जिरीबाम जिले से लापता छह लोगों में से ही हो सकते हैं। 

Santosh SETH

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