दिल्ली-NCR में हवा हुई ‘जहरीली’: लागू हुआ GRAP-2, लगी पाबंदिया
दिल्ली-NCR की हवा फिर हुई ‘जहरीली’: AQI 324 के पार, तत्काल प्रभाव से लागू हुआ GRAP-2; जानें किन गाड़ियों की एंट्री पर लगी सख्त रोक”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
राजधानी दिल्ली और एनसीआर (NCR) में वायु प्रदूषण की स्थिति एक बार फिर बेकाबू होने लगी है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के 324 (बेहद खराब श्रेणी) तक पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का दूसरा चरण (GRAP-2) लागू कर दिया है।
1 नवंबर को दिल्ली का एक्यूआई 261 (खराब) था, लेकिन अचानक इसमें हुए इजाफे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रैप-2 के तहत पार्किंग शुल्क बढ़ाने से लेकर सड़कों की सफाई और वाहनों की एंट्री पर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं।
किन गाड़ियों को मिलेगी दिल्ली में एंट्री? (1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक)
दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहन प्रवेश के संशोधित नियम लागू हो चुके हैं, जो 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे:
-
BS-6 मानक: केवल बीएस-6 (BS-VI) मानकों वाली गाड़ियों, सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी।
-
PUCC अनिवार्य: वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) होना अनिवार्य है।
-
छूट प्राप्त वाहन: आधिकारिक छूट प्राप्त वाहनों, दिल्ली में रजिस्टर्ड बसें और दिल्ली में रजिस्टर्ड कमर्शियल मालवाहक वाहनों को एंट्री मिलेगी।
किन गाड़ियों की एंट्री पर है पूरी तरह रोक?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को दिल्ली आने से पहले अपनी गाड़ी की पात्रता जांचने की सख्त हिदायत दी है।
-
BS-3 और BS-4 वाहन: दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड पेट्रोल और डीजल वाहन जो बीएस-6 मानकों को पूरा नहीं करते (जैसे BS-3 और BS-4), उन्हें राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा।
-
बाहरी राज्यों की बसें: दूसरे राज्यों से आने वाली बसों के लिए भी उत्सर्जन मानकों का पालन जरूरी है।
-
बीएस-6 मानकों से नीचे की डीजल बसों (टूरिस्ट व कॉन्ट्रैक्ट कैरिज सहित) पर पूरी तरह रोक है।
-
मालवाहक वाहन और जुगाड़: ट्रैक्टर और जुगाड़ वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। दिल्ली से होकर दूसरे राज्यों में जाने वाले ट्रकों व मालवाहक वाहनों को ईस्टर्न या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना होगा।
ग्रैप-2 लागू होने से दिल्ली-NCR में क्या-क्या बदलेगा?
-
पार्किंग शुल्क में भारी इजाफा: प्राइवेट वाहनों का इस्तेमाल कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली-एनसीआर में पार्किंग शुल्क बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
-
सड़कों पर पानी का छिड़काव: शहरी निकायों को मैकेनिकल और वैक्यूम आधारित सड़क सफाई तेज करने को कहा गया है। प्रदूषण के हॉटस्पॉट और धूल वाले इलाकों में डस्ट सप्रेसेंट का इस्तेमाल होगा।
-
पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगा मजबूत: मेट्रो, रैपिड रेल (RRTS), सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
-
कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए ‘शेयर्ड ट्रांसपोर्ट’ (साझा परिवहन) की व्यवस्था करने को कहा गया है।
-
डीजल जनरेटर और तंदूर पर रोक: आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध लागू रहेगा।
-
इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
दिल्ली-NCR में GRAP-2: क्या खुला, क्या बंद?
|
नियम / पाबंदियां (Rules & Restrictions) |
लागू प्रावधान (Applied Provisions) |
|
प्रदूषण का स्तर (AQI) |
324 (‘बेहद खराब’ श्रेणी) |
|
दिल्ली में प्रवेश की अनुमति |
केवल BS-6 (पेट्रोल/डीजल), CNG और इलेक्ट्रिक वाहन (EV)। वैध PUCC जरूरी। |
|
दिल्ली में प्रवेश पर रोक |
बाहरी राज्यों के BS-3, BS-4 वाहन, और BS-6 से नीचे की डीजल बसें। |
|
पार्किंग शुल्क (Parking Fees) |
निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए शुल्क में वृद्धि के निर्देश। |
|
सफाई और पानी का छिड़काव |
हॉटस्पॉट पर वैक्यूम सफाई, पानी और डस्ट सप्रेसेंट का छिड़काव तेज। |
|
कोयला और लकड़ी (तंदूर) |
होटल/रेस्टोरेंट में तंदूर के लिए कोयले-लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक। |
|
डीजल जनरेटर (DG Sets) |
केवल आवश्यक व छूट प्राप्त सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी जगहों पर पाबंदी। |











