“उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज विश्व दिव्यांग दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरित किए। साथ ही मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया”
लखनऊ 03 / 12 / 2024 वरुण यादव की रिपोर्ट
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि दिव्यंगता एक शारीरिक कम मानसिक स्थिति मानी जाती है। उन्होंने ऋषि अष्टावक्र और सूरदास को याद करते हुए कहा कि उनके बिना श्री कृष्ण कथा पूरी हो सकती है क्या? उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक उदाहरण हमारे सामने हैं, जिन्हें मंच मिला, समाज का थोड़ा प्रोत्साहन और संबल मिला तो उन्होंने अपनी प्रतिभा का लाभ मानवता के लिए देश को दिया है।
और यह साबित किया कि हम किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार दिव्यांगजन का सम्मान बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज राज्य के अंदर दो-दो दिव्यांग विश्वविद्यालय हैं। उनके लिए कॉलेज अलग से संचालित है।
लेकिन, मेरा मानना है कि इन कॉलेज की संख्या और बढ़ाई जानी चाहिए। इसमें पढ़ाने वाले शिक्षकों को अधिक सुविधाएं और मानदेय मिलना चाहिए। आज 21 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 46 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया है।
सम्मानित होने वाले छात्रों ने 90-95 फीसदी तक अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कुछ नया किया है। सीएम ने कहा कि दिव्यांग बच्चों द्वारा पेश मधुर गीत में अद्भुत मिठास थी। बच्चों का अनुशासित व्यवहार दिखाता है कि आप काम करेंगे तो रिजल्ट अपने आप आपकी काबिलियत बताएगा।