मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 'यूपी टेक्स-2026' का उद्घाटन कर उत्तर प्रदेश को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की रूपरेखा पेश की।
यूपी टेक्स-2026: ‘माफिया-मुक्त’ यूपी में बिछी टेक्सटाइल हब की बिसात, सीएम योगी ने दी करोड़ों की सौगात और नई नीतियां”
लखनऊ : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख वस्त्र एवं परिधान (Textile & Garmenting) केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय ‘यूपी टेक्स-2026’ कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्वलित कर इस महाकुंभ का शुभारंभ किया, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित कपड़ा कारोबारी, निवेशक और विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की बदलती छवि को निवेश का सबसे बड़ा चुंबक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2017 से पहले जो प्रदेश दंगों और माफियाओं के खौफ के लिए जाना जाता था, वह आज पूरी तरह भयमुक्त है।
बेहतर कानून-व्यवस्था ही अब उत्तर प्रदेश में उद्योगों की स्थापना की सबसे बड़ी गारंटी बन चुकी है।
सीएम योगी ने टेक्सटाइल सेक्टर के आधुनिकीकरण और सहूलियत के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया:
यूपी टेक्स मित्रा पोर्टल: निवेशकों और उद्यमियों को सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window System) के जरिए सभी सरकारी सुविधाएं एक ही मंच पर मिलेंगी।
मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना: बुनकरों को छोटे समूहों में जोड़कर उनके सामूहिक उत्पादन, बाजार तक पहुंच और आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना: टेक्सटाइल इकाइयों की आधुनिक मांग के अनुसार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा।
इस कॉन्क्लेव में योगी सरकार ने कपड़ा उद्योग को आर्थिक संजीवनी देते हुए कई बड़े कदम उठाए:
वस्त्रोद्योग नीति के तहत 214 इकाइयों को ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ (LoC) जारी किया गया।
157 इकाइयों को 416.75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय सहायता वितरित की गई।
‘अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना’ के तहत लगभग 1 लाख पावरलूम कनेक्शनधारकों को बिजली दरों में छूट दी गई है, जिससे उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी।
राज्य में बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लखनऊ और हरदोई की सीमा पर 1,000 एकड़ के विशाल क्षेत्र में ‘पीएम मित्र पार्क’ (PM Mitra Park) का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है।
इसके साथ ही वाराणसी, मऊ, सीतापुर, बरेली, संत कबीर नगर और कानपुर में भी नए टेक्सटाइल क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
इन परियोजनाओं से न केवल बड़े पैमाने पर विदेशी और घरेलू निवेश आएगा, बल्कि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
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