जौनपुर/मछलीशहर – उप जिलाधिकारी ने हटवाई कुर्सी तो अधिवक्ताओ ने काटा बवाल

“अधिवक्ताओं के आक्रोश के दौरान पूरे तहसील परिसर में हंगामा होने लगा। बीते सोमवार को ही नए भवन में स्थानांतरण के बाद उपजिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं को अपनी कुर्सी-मेज हटवाने की बात कही थी लेकिन कुछ लोग नहीं माने”

जौनपुर / मछलीशहर 24 / 10 / 2024 मंगेश प्रजापति की रिपोर्ट 

मछलीशहर तहसील परिसर में न्यायालय के बरामदे में रखी अधिवक्ताओं की कुर्सी-मेज ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बाहर रखवा दिया। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने गुरुवार को तहसील आ रहे उक्त अधिकारी का वाहन गेट पर ही रोक लिया।

जब अधिवक्ता वाहन के आगे बैठ गए तो उपजिलाधिकारी कुमार सौरभ गाड़ी छोड़कर पैदल ही पुलिस संरक्षण में कार्यालय पहुंचे।

अधिवक्ताओं ने परिसर में नारेबाजी करते हुए कार्यालयों में कामकाज बंद करवा दिया। मामले का संतोषजनक हल निकलने तक न्यायिक कार्य बंद रखने की घोषणा की है।

उपजिलाधिकारी न्यायालय दो दिन पहले नए भवन में स्थानांतरित हो गया। भवन तैयार होते ही कुछ अधिवक्ता न्यायालय के बरामदे में अपनी कुर्सी मेज रखकर बैठने लगे।

उसे हटाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा। किंतु अधिवक्ता अपने स्थान पर लगातार बैठकर काम करते रहे।

सोमवार से अदालती कार्य शुरू होने पर उपजिलाधिकारी कुमार सौरभ ने अधिवक्ताओं से अपने फर्नीचर हटाकर बरामदा खाली करने को कहा। किंतु बुधवार तक कुर्सी मेज नहीं हटने पर रात में उसे बाहर फेंककर बरामदा खाली कर दिया गया।

ये है पूरा मामला

गुरुवार को सुबह तहसील आए वकीलों को जब घटना की जानकारी हुई तो वे आक्रोशित होकर तहसील के मुख्यद्वार पर पहुंचे और एस डी एम का वाहन रोक दिया। जब ड्रॉइवर ने गाड़ी आगे बढ़ाने का प्रयास किया तो अधिवक्ता गाड़ी के आगे बैठ गए।

अंततः उपजिलाधिकारी कुमार सौरभ वाहन छोड़कर पुलिस संरक्षण में पैदल ही कार्यालय पहुंचे। मामला बढ़ता देख क्षेत्राधिकारी गिरेंद्र सिंह ने सर्किल के थाने की फोर्स बुला ली।

उधर, अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए न्यायालयो में घूमकर काम काज ठप करवा दिए। पूरे दिन तहसील में गहमागहमी का माहौल बना हुआ था। 

दोपहर बाद एसडीएम द्वारा बार के अध्यक्ष जगदम्बा प्रसाद मिश्र एवं महामंत्री वेद प्रकाश श्रीवास्तव के साथ वार्ता कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ उपजिलाधिकारी कुमार सौरभ का कहना है कि एक माह से लगातार अधिवक्ताओं से न्यायालय के बरामदा में रखी गई कुर्सी मेज हटाने के लिए कहा जा रहा है।

बुधवार को न्यायालय में बार के दोनों पदाधिकारियों से बरामदा खाली कराने को लेकर वार्ता हुई है फिर भी कुर्सी मेज नहीं हटाई गई।

बहरहाल बार के पदाधिकारियों से गुरुवार को दोपहर बाद हुई वार्ता में तहसील की पुरानी बिल्डिंग में अधिवक्ताओं को जगह दी जा रही है, बरामदा खाली रखना है।

Santosh SETH

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