गजब का दिमाग – फ्लैट में गांजे की खेती, लाइट की रोशनी में उगता था ‘माल’
“ग्रेटर नोएडा के एक फ्लैट में गांजे की खेती मिलने से हड़कंप मच गया है। फ्लैट में उन्नत तकनीक से गांजे की खेती की जा रही थी। पुलिस ने खेती करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने कई सारी हैरान करने वाली बातें बताई हैं”
ग्रेटर नोएडा 13 / 11 / 2024 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
बीटा-2 कोतवाली, इकोटेक-1 कोतवाली पुलिस ने नारकोटिक्स टीम के साथ ऑपरेशन प्रहार के तहत संयुक्त अभियान में मंगलवार को किराये के फ्लैट में अवैध गांजे की खेती करने वाले आरोपी को लोकल इंटेलिजेंस व बीट पुलिसिंग की सहायता से पी-3 गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान राहुल चौधरी निवासी ग्राम धंजू थाना दौराला, मेरठ के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में मकान नंबर-1001 टावर नंबर-5 पार्श्वनाथ पनोरमा, निकट पी-3, गोल चक्कर में रह रहा था।
आरोपी की निशानदेही पर उसके पार्श्वनाथ पनोरमा सोसाइटी के फ्लैट से गमलों में लगे कैनाबिस के पौधे, 2.070 ग्राम अवैध गांजा, 163.4 ग्राम कब्जे से ओशियन गांजा (ओजी) यानी प्रीमियम गांजा, विभिन्न रसायन, खेती करने में प्रयुक्त खाद, बीज व उपकरण बरामद किए हैं।
आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धाराओं में बीटा-2 कोतवाली में केस दर्ज करने के बाद में पेश किया जहां से उसे जेल भेजा गया है।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने बताया कि आरोपी ने इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से कैनाबिस के पौधों की खेती करनी सीखी थी। फिर विदेशी वेबसाइट सीड्समैन के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर कर कैनाबिस के बीज को आयात किया गया और पे-पल एप के माध्यम से पैसों का भुगतान किया।
कैनाबिस का बीज मिलने के बाद आरोपी ने अपने फ्लैट पार्श्वनाथ पनोरमा सोसाइटी के फ्लैट में एयर कंडीशनर (एसी) की मदद से एक निश्चित तापमान पर फुल स्पेक्ट्रम प्लांट ग्रोइंग लाइट की सहायता से कैनाबिस के बीजों को गमलों में प्रत्यारोपित कर कैनाबिस की फसल तैयार की।
आरोपी जिस गांजे की खेती कर रहा था उसे तैयार करने में करीब 100 दिन लग जाते हैं। आरोपी के फ्लैट से मौके से गांजे के तैयार किए गए 80 पौधे गमले सहित बरामद किए गए हैं। आरोपी अवैध गांजे को अगर बेचते तो उसे करीब 48 लाख रुपये मिलने वाले थे।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय से परा स्नातक किया है। आरोपी इंटरनेट का अच्छा जानकार है। आरोपी कोरोना काल से पहले एक रेस्टोरेंट चलाता था, लेकिन उसमें फायदा नहीं होने पर उसे बंद कर दिया।
खाली समय में इंटरनेट बेवसाइट, यूट्यूब पर खेती करने का तरीका सीखा था। गांजे की खेती को बचाने के लिए आरोपी ने अमेजन से खास तरह की लाइट मंगवाई थी। इसी तरह खेती के लिए जरूरी तापमान को बरकरार रखने के लिए फ्लैट में एसी लगवाया था।
नुवान प्लास्टिक दो प्लास्टिक की बोतल 100 एमएल, फास्ट रूट्स ड्राई पाउडर एक प्लास्टिक की डिब्बी 50 ग्राम, बायोनिक सुपर बायो फर्टिलाइजर प्लास्टिक बैग खुला 2 किलो, मायटस प्लास्टिक बैग खुला तीन किलोग्राम, मृदा कंडीशनर प्लास्टिक बैग खुला दो किलो, नासा जैविक खाद प्लास्टिक बैग खुला 1 किलो, एप्शन सॉल्ट प्लास्टिक बैग खुला 900 ग्राम, स्प्रे बोतल सफेद हरे रंग की, गमलों की नराई व गुड़ाई करने के सात यंत्र लोहे व प्लास्टिक के, वजन तोलने का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सिल्वर कलर की दो,कांच के बने समोकिंग पाइप 22, हुक्का पाइप, एक पांच लीटर की स्प्रे मशीन बरामद हुई है।











