भारतीय नौसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन, अरब सागर में समुद्री लुटेरों से जहाज अजिनी की रिहाई।

भारतीय नौसेना : लुटेरों से छुड़ाए जहाज ‘अजिनी’ और 20 क्रू मेंबर्स

अरब सागर में भारतीय नौसेना का शौर्य: 48 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन में समुद्री लुटेरों से जहाज ‘अजिनी’ और 20 क्रू मेंबर्स को छुड़ाया”

The Politics Again डेस्क: सतोष सेठ 

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर समंदर में अपनी अदम्य वीरता और ऑपरेशनल क्षमता का लोहा मनवाया है।

अरब सागर में मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर एक बेहद चुनौतीपूर्ण और सुनियोजित ऑपरेशन को अंजाम देते हुए, नौसेना ने समुद्री लुटेरों के चंगुल से मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ (Azini) को मुक्त करा लिया है।

इस सफल अभियान में जहाज पर सवार सभी 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया।

48 घंटे चला चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन

2 नवंबर 2026 को पूरा हुआ यह बचाव अभियान करीब 48 घंटे तक चला। जहाज पर भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों ने कब्जा कर लिया था, जिससे यह मिशन बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण हो गया था।

भारतीय नौसेना ने एक सटीक रणनीति के तहत पहले जहाज की लोकेशन को ट्रेस किया, समंदर के बीच उसे इंटरसेप्ट (रोका) किया और फिर बिना किसी जनहानि के सभी 20 क्रू मेंबर्स को लुटेरों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया।

इस पूरे अभियान में भारतीय वायुसेना (IAF) ने भी समय पर महत्वपूर्ण हवाई सहायता और निगरानी सहयोग प्रदान किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई, सराही नौसेना की तैयारी

इस बड़ी सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की बहादुरी की जमकर तारीफ की है।

उन्होंने कहा कि महज 48 घंटे के भीतर भारी हथियारों से लैस लुटेरों के कब्जे से 20 लोगों को सुरक्षित बचाना नौसेना की उच्चस्तरीय ऑपरेशनल तैयारी को दर्शाता है।

राजनाथ सिंह ने कहा, “भारतीय नौसेना के जवानों ने फिर साबित कर दिया है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री सुरक्षा (SAFE SEAS) सुनिश्चित करने, लोगों की जान बचाने और स्वतंत्र व खुले समुद्री मार्गों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”

नौसेना को मिली 8 ‘नेक्स्ट-जनरेशन’ कॉर्वेट्स की मंजूरी

भारत लगातार हिंद महासागर में अपनी पकड़ और सुरक्षा मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली ‘कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी’ (CCS) ने नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है।

CCS ने 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जिसके तहत भारतीय नौसेना के लिए आठ ‘नेक्स्ट-जनरेशन कॉर्वेट्स’ (Next-Generation Corvettes) यानी नए युद्धपोत बनाए जाएंगे।

इन युद्धपोतों का निर्माण स्वदेशी रूप से GRSE (कोलकाता) और GSL (गोवा) शिपयार्ड द्वारा किया जाएगा।

भारतीय नौसेना का ‘मिशन अजिनी’: ऑपरेशन एक नजर में

बिंदु (Key Highlights)

विवरण (Details)

ऑपरेशन का क्षेत्र

अरब सागर (मुंबई से 3,000 किलोमीटर दूर)

हाइजैक जहाज का नाम

मछली पकड़ने वाला जहाज ‘अजिनी’ (Azini)

बचाए गए क्रू मेंबर्स

20 लोग (सभी सुरक्षित)

मिशन की अवधि

लगभग 48 घंटे (2 नवंबर 2026 को पूरा हुआ)

सहयोगी सेना

भारतीय वायुसेना (IAF)

खतरा (Threat)

भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरे

नौसेना के लिए नई मंजूरी

40,000 करोड़ से बनेंगे 8 नेक्स्ट-जनरेशन कॉर्वेट्स (युद्धपोत)

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