मिडिल ईस्ट युद्ध: PM मोदी की अहम बैठक, गैस-पेट्रोल पर फोकस
मिडिल ईस्ट युद्ध पर PM मोदी की हाई-लेवल मीटिंग… देश में पेट्रोल-गैस की सप्लाई निर्बाध रखने के निर्देश… जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई… अमेरिका के टेक्सास से रसोई गैस लेकर मंगलुरु पहुंचा बड़ा जहाज… पढ़ें ‘The Politics Again’ की पूरी रिपोर्ट…
मिडिल ईस्ट संकट: PM मोदी ने की हाई-लेवल मीटिंग, गैस-पेट्रोल की सप्लाई पर दिए कड़े निर्देश; टेक्सास से मंगलुरु पहुंचा LPG का जहाज
नई दिल्ली | नेशनल डेस्क, The Politics Again
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और भारी तनाव के बीच देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजधानी दिल्ली में एक अहम उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक का मुख्य एजेंडा देश में पेट्रोल, कच्चा तेल, गैस, बिजली और खाद जैसी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई (Supply Chain) को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से जारी रखना था।
प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस अति-महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कैबिनेट के कई शीर्ष मंत्री और अधिकारी शामिल हुए।
सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि वैश्विक हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
गैस और ईंधन की किल्लत दूर करने के लिए सरकार का ‘एक्शन प्लान’
देशभर में चल रहे एलपीजी संकट और पैनिक बुकिंग को देखते हुए सरकार ने कई बड़े और राहत भरे फैसले लिए हैं:
कमर्शियल कोटा बढ़ा: राज्यों के लिए कमर्शियल गैस का कोटा बढ़ा दिया गया है, जिसमें अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पाइपलाइन गैस में तेजी: घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को नए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
छापेमारी जारी: गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर नकेल कसने के लिए देशभर में लगातार छापेमारी हो रही है।
टेक्सास से पहुंची राहत: एक बड़ी राहत की खबर यह है कि अमेरिका के टेक्सास से रसोई गैस (LPG) लेकर एक बड़ा मालवाहक जहाज कर्नाटक के मंगलुरु बंदरगाह पहुंच चुका है, जिससे सप्लाई में जल्द सुधार होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य का तनाव और औद्योगिक डीजल में उछाल
यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पर युद्ध के कारण भारी तनाव है।
ज्ञात हो कि 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से इस क्षेत्र में संघर्ष चरम पर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है।
इसी वैश्विक तनाव के कारण देश में औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) डीजल की कीमतों में 25 प्रतिशत का भारी उछाल आया है और यह 109.59 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित
जहाजरानी मंत्रालय ने बैठक में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी 22 भारतीय जहाज और 611 नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सरकार ने स्पष्ट रूप से दोहराया है कि मुश्किल की इस घड़ी में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देश की आर्थिक स्थिरता ही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।












