बुलंदशहर – फटा ऑक्सीजन सिलिंडर, पांच की मौत, 16 लोग अभी भी दबे

“हादसे में मकान मालिक और एक बच्ची समेत पांच की मौत हो गई। जबकि तीन घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती किया गया है”

बुलंदशहर 22 / 10 / 2024 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 

बताया जा रहा है कि मलबे में करीब 16 लोग अभी भी दबे हुए हैं। डीएम-एसएसपी के साथ एसडीएम-सीओ समेत अन्य अधिकारियों ने एसडीआरएफ के साथ राहत बचाव कार्य शुरू कराया है।

गुलावठी रोड स्थित आशापुरी कॉलोनी में राजुद्दीन रहते हैं। राजुद्दीन लिंटर में लगने वाली शटरिंग का काम करते हैं। बताया जा रहा है कि राजुद्दीन की पत्नी रुखसाना की तबियत खराब चल रही थी, जिसके चलते वह निजी अस्पताल में भर्ती थी।

सोमवार शाम को ही उन्हें अस्पताल से घर शिफ्ट किया गया था। बताया जा रहा है कि घर लाने के बाद रुखसाना को सांस लेने में समस्या होने लगी, जिसके चलते घऱ पर ही ऑक्सीजन लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

सिलिंडर लगाने के दौरान अचानक सिलिंडर में विस्फोट हो गया। जिसके चलते पूरा दो मंजिला मकान धराशायी हो गया। हादसे में राजुद्दीन के साथ उनकी पत्नी, बेटा सिराजु, शाहरुख, सोहना, आसमोहम्मद और सलमान, पुत्र वधू चांदनी, नसरीन, यासमीन, अंजुम के साथ सिराजु के पांच, शाहरुख के तीन, आसमोहम्मद के तीन, सोहना के दो, बेटी तमन्ना और उनके दो बच्चे भी दब गए।

बताया जा रहा है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने मलबे से राजुद्दीन और एक बच्ची को निकालकर अस्पताल में भर्ती किया है, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जबकि अन्य 24 लोग अभी भी मलबे में दबे हैं। एसडीएम-सीओ समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य तेजी से शुरू कराया है। 

 

सोमवार रात करीब आठ बजे जब आशापुरी कॉलोनी स्थित मकान में विस्फोट हुआ तो पड़ोसियों के साथ कॉलोनी के लोग सहम उठे।

स्थिति यह हुई कि धमाके की आवाज के बाद एकाएक लोग घरों से बाहर निकले और मौके की ओर दौड़े। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई और लोगों ने राहत कार्य शुरू किया।

लिंटर का मलबा भारी होने के कारण लोगों के प्रयास के बाद भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली। कॉलोनी निवासी राशिद ने बताया कि विस्फोट की आवाज ऐसी लगी मानो किसी ने बम गिरा दिया हो।

काफी दूर तक मकानों ऐसा महसूस हुआ, जैसे भूकंप आया है। बदहवास स्थिति में लोग घरों से बाहर निकले तो हादसे की जानकारी हुई।