उत्तर प्रदेश : कैबिनेट ने दी “आउटसोर्स सेवा निगम” (यूपीसीओएस) के गठन को मंजूरी

“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आउटसोर्स सेवा निगम बनने से पूरे प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों को हर माह की पांच तारीख को वेतन का भुगतान हो जाएगा”

लखनऊ 04 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाखों आउटसोर्सिंग कार्मिकों के श्रम अधिकारों, पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा की रक्षा के लिए उप्र आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) के गठन को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि यह निगम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के जीवन में स्थायित्व और भरोसा सुनिश्चित करेगा।

योगी ने गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित निगम की कार्यप्रणाली, संरचना और दायरे पर विचार-विमर्श के बाद कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के श्रम, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पित है।

वर्तमान में आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन विकेंद्रीकृत तरीके से होता है, जिससे समय पर वेतन न मिलना, उसमें कटौती, ईपीएफ-ईएसआई लाभ से वंचित रहना, पारदर्शिता की कमी और उत्पीड़न जैसी शिकायतें मिलती हैं। इसमें व्यापक सुधार आवश्यक है। प्रस्तावित निगम का गठन कंपनी एक्ट के तहत किया जाए। 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और एक महानिदेशक की नियुक्ति की जाए। मंडल व जिला स्तर पर भी समितियों का गठन हो। एजेंसियों का चयन जेम पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम 3 वर्षों के लिए किया जाए।

यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्तमान कार्यरत कर्मियों की सेवाएं बाधित न हों और चयन प्रक्रिया में उन्हें अनुभव के आधार पर वेटेज मिले। सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों का पारिश्रमिक प्रत्येक माह की 5 तारीख तक उनके बैंक खाते में भेजा जाए। ईपीएफ और ईएसआई समय से जमा हो। ईपीएफ, ईएसआईसी तथा बैंकों से अनुमन्य सभी लाभ प्रदान किए जाएं। 

निगम को रेगुलेटरी बॉडी की भूमिका में रखा जाए, जो एजेंसियों की कार्यप्रणाली की निगरानी करे और नियमों के उल्लंघन पर ब्लैकलिस्टिंग, डिबारमेंट, पेनाल्टी एवं वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करे।

निगम द्वारा की जाने वाली सभी नियुक्तियों में आरक्षण के प्रावधानों का पालन किया जाए। निराश्रित, तलाकशुदा व परित्यक्ता महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जाए। नियमित पदों के विरुद्ध कोई भी आउटसोर्सिंग सेवा नहीं ली जाए। चयन के बाद कोई भी कार्मिक तब तक सेवा से मुक्त न किया जाए, जब तक संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी की संस्तुति न हो।

Santosh SETH

Recent Posts

अमरोहा : दरोगा और CRPF इंस्पेक्टर समेत 4 पर गैंगरेप का केस दर्ज

खाकी फिर हुई शर्मसार: अमरोहा में हरियाणा की युवती से गैंगरेप, यूपी पुलिस के दरोगा…

15 hours ago

जहाज ‘एमवी केप डाओ’ पर हमला, यूपी के देवरिया निवासी भारतीय नाविक की मौत

होर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक जहाज 'एमवी केप डाओ' पर टॉरपीडो से हमला: यूपी के देवरिया…

15 hours ago

चक्रवात ‘अर्णब’ का अलर्ट, ओडिशा-आंध्र में भारी बारिश की चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में गहराया 'अर्णब' का खतरा: ओडिशा-आंध्र तटों पर भारी बारिश का अलर्ट,…

20 hours ago

भाजपा में बड़ा फेरबदल: 36 राज्यों/UTs में नए प्रभारी, स्मृति ईरानी को दो राज्य

भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल: 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रभारी…

20 hours ago

रायपुर : 3000 लोगों का रक्तदान, गोल्डन बुक में दर्ज हुआ वर्ल्ड रिकॉर्ड

रायपुर में 'सेवा महाकुंभ' का ऐतिहासिक आयोजन: 3000 लोगों ने किया रक्तदान, गोल्डन बुक में…

20 hours ago

जौनपुर: आशा कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट पर बड़ा प्रदर्शन

जौनपुर कलेक्ट्रेट पर आशा कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल: मानदेय नहीं बढ़ा तो 15 दिन बाद…

22 hours ago