10 years of UPI digital payment revolution in India and its global expansion

UPI के 10 साल पूरे: 13 हजार गुना बढ़े ट्रांजैक्शन, PM मोदी ने दी बधाई

डिजिटल पेमेंट क्रांति के 10 साल: UPI ने बदली भारत की तस्वीर, अब 11 देशों में बज रहा डंका”

नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

छोटी सी गुमटी पर चाय पीने से लेकर लाखों रुपये के कारोबारी लेनदेन तक, भारत में भुगतान का तरीका हमेशा के लिए बदल देने वाला यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज 10 साल का हो गया है।

25 अगस्त 2016 को शुरू हुए इस डिजिटल सिस्टम ने भारत को रियल-टाइम पेमेंट्स के मामले में दुनिया का सिरमौर बना दिया है।

PM मोदी ने शेयर किया खास संदेश

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर देशवासियों को बधाई दी।

उन्होंने लिखा कि एक दशक पहले UPI की शुरुआत ने भारत की डिजिटल पेमेंट यात्रा में एक बड़ा बदलाव ला दिया था। इसके बड़े पैमाने और घर-घर तक पहुंच को उन्होंने हर भारतीय के लिए गर्व का विषय बताया।

आंकड़ों में UPI की ऐतिहासिक छलांग

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में UPI की ग्रोथ अभूतपूर्व रही है:

  • ट्रांजैक्शन में 13,000 गुना बढ़ोतरी: वित्त वर्ष 2016-17 में जहां केवल 1.78 करोड़ लेनदेन हुए थे, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 24,162 करोड़ को पार कर गया।

  • रकम में भारी इजाफा: 2016-17 में ₹0.07 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ था, जो 2025-26 में लगभग ₹314 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

  • जुलाई 2026 का नया रिकॉर्ड: बीते जुलाई महीने में 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है।

703 बैंकों का नेटवर्क और ग्लोबल पहचान

शुरुआत में (2016-17) केवल 44 बैंक UPI प्लेटफॉर्म पर लाइव थे, जबकि आज यह संख्या 703 बैंकों तक पहुंच चुकी है।

अब UPI की धमक सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। यह यूएई, फ्रांस, सिंगापुर, नेपाल, मॉरीशस, भूटान, श्रीलंका, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव समेत 11 देशों में संचालित हो रहा है।

आईएमएफ (IMF) के अनुसार, 2025 में वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी लगभग 49 फीसदी रही।

10 सालों के इस सफर ने UPI को भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान बना दिया है।