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यूपी मंत्रिमंडल विस्तार: 8 नए मंत्रियों को बांटे गए विभाग

यूपी में 8 नए मंत्रियों को बंटे विभाग: भूपेंद्र चौधरी को MSME, मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद; मिशन 2027 के लिए बिछी बिसात, देखें पूरी लिस्ट”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए योगी मंत्रिमंडल विस्तार (UP Cabinet Expansion) के बाद अब सभी 8 नए मंत्रियों को उनके विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

मिशन 2027 के मद्देनजर किए गए इस विस्तार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ-साथ सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की साफ झलक देखने को मिल रही है।

मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले यूपी बीजेपी के कद्दावर नेता भूपेंद्र चौधरी और सपा छोड़कर आए मनोज पांडेय को अहम विभाग सौंपे गए हैं।

भूपेंद्र चौधरी को मिला MSME, राकेश सचान का कटा विभाग

इस विभाग बंटवारे में सबसे अहम बदलाव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग में हुआ है। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को MSME विभाग की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गौरतलब है कि अब तक यह महत्वपूर्ण विभाग कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के पास था, जिसे अब भूपेंद्र चौधरी को दे दिया गया है।

वहीं, समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ बीजेपी में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग का जिम्मा मिला है।

किस मंत्री को मिला कौन सा विभाग? (पूरी लिस्ट)

सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार मंत्रियों के विभाग इस प्रकार हैं:

कैबिनेट मंत्री:

  • भूपेंद्र चौधरी: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)

  • मनोज पांडेय: खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार):

  • अजीत सिंह पाल: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन

  • सोमेंद्र तोमर: राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (PRD)

राज्य मंत्री:

  • कृष्णा पासवान: पशुधन एवं दुग्ध विकास

  • कैलाश सिंह राजपूत: ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत

  • सुरेंद्र दिलेर: राजस्व

  • हंसराज विश्वकर्मा: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)

2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन विभागों के बंटवारे के जरिए बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी सियासी बिसात बिछा दी है।

सभी जातियों (खासकर ओबीसी और दलित) और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर सरकार ने अपना वोट बैंक मजबूत करने का प्रयास किया है।

भूपेंद्र चौधरी जैसे कद्दावर संगठनात्मक चेहरे को कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी देना इसी रणनीति का बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।

Santosh SETH

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