Reza Pahlavi Iran leader

ट्रंप का बड़ा बयान, रजा पहलवी बन सकते हैं विकल्प | The Politics Again

” ईरान में ‘सत्ता पलट’ की तैयारी? डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘रजा पहलवी हो सकते हैं विकल्प, नहीं चाहिए कोई और कट्टरपंथी सरकार ‘

नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के भविष्य और वहां संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।

ट्रंप ने चिंता जताते हुए कहा है कि मौजूदा संघर्ष का सबसे बुरा नतीजा यह हो सकता है कि तेहरान में मौजूदा शासन के गिरने के बाद कोई नया कट्टरपंथी नेतृत्व सत्ता पर काबिज हो जाए।

इसके साथ ही उन्होंने ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी को भविष्य के राजनीतिक विकल्प के तौर पर देखने की बात भी स्वीकार की है।

‘ईरान की सैन्य ताकत को तोड़ना है मुख्य लक्ष्य’

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ एक अहम बैठक के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का पूरा फोकस ईरान की सैन्य और परमाणु ताकत को खत्म करने पर है।

हालांकि, वाशिंगटन और बर्लिन अब इस बात पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं कि यदि ईरान में अयातुल्ला का मौजूदा नेतृत्व गिर जाता है, तो ‘अगले दिन’ (The Day After) क्या होगा।

ट्रंप ने कहा, “सबसे खराब स्थिति यह होगी कि हम यह सब (सैन्य कार्रवाई) करें और उसके बाद कोई ऐसा व्यक्ति सत्ता में आ जाए जो पहले वाले से भी उतना ही या उससे ज्यादा खराब हो।”

अमेरिका चाहता है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन होने पर ऐसी सरकार बने जो वहां के आम नागरिकों के लिए बेहतर दिशा में काम करे।

कौन होगा ईरान का नया नेता: रजा पहलवी या कोई और ?

जब ट्रंप से यह पूछा गया कि क्या निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी भविष्य में ईरान का नेतृत्व संभाल सकते हैं? इस पर ट्रंप ने संभावना से इनकार नहीं किया।

उन्होंने कहा, “मुमकिन है। कुछ लोग उन्हें पसंद भी करते हैं। हालांकि हमने इस पर ज्यादा विचार नहीं किया है।”

इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के अंदर से ही किसी लोकप्रिय नेता का उभरना ज्यादा सही और आसान हो सकता है।

लगातार हो रहे अमेरिकी सैन्य हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान के नेतृत्व ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा, “जिन लोगों के बारे में हम सोच रहे थे, उनमें से ज्यादातर मारे जा चुके हैं। अब जो नया समूह है, रिपोर्ट्स के मुताबिक वे भी जल्द मारे जा सकते हैं।”

जर्मनी ने मिलाया अमेरिका से सुर

इस मौके पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भी ट्रंप का पूरा समर्थन किया। मर्ज़ ने कहा कि तेहरान के “इस भयानक शासन” को हटाने और उसके बाद की स्थिति से निपटने के लिए यूरोप और अमेरिका एक ही पेज पर हैं और वे मिलकर एक व्यापक रणनीति पर काम करेंगे।

गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में अमेरिका ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर अपने हमले काफी तेज कर दिए हैं, जिससे पूरे मध्य पूर्व में युद्ध के हालात और अधिक विकराल हो गए हैं।

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