US domestic reaction to Iran strike

ईरान पर हमले के बाद अमेरिका में ही घिरे ट्रंप: कमला हैरिस और न्यूयॉर्क मेयर का तीखा विरोध | The Politics Again

ईरान पर भीषण हमले के बाद अमेरिका में ही घिरे ट्रंप, कमला हैरिस बोलीं- ‘अमेरिकी अवाम यह जंग नहीं चाहती’

द पॉलिटिक्स अगेन डेस्क | 1 मार्च 2026 | संतोष सेठ की रिपोर्ट 

ईरान पर शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए बड़े पैमाने के हवाई हमलों ने न केवल मध्य पूर्व में बल्कि खुद अमेरिका की घरेलू राजनीति में भी भूचाल ला दिया है।

एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस हमले के जरिए ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) का आह्वान कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के भीतर ही इस सैन्य कार्रवाई का कड़ा विरोध शुरू हो गया है।

अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने ट्रंप प्रशासन के इस कदम की तीखी निंदा की है।

कमला हैरिस का ट्रंप पर प्रहार: “यह ताकत नहीं, लापरवाही है”

पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने ईरान पर हमले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस सैन्य अभियान को अमेरिकी जिंदगियों के साथ एक ‘खतरनाक जुआ’ करार दिया।

हैरिस ने अपने कड़े बयान में कहा, “डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को एक ऐसी जंग में घसीट रहे हैं, जिसे हमारी जनता बिल्कुल नहीं चाहती। मैं साफ कर देना चाहती हूं कि मैं ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ वाली जंग का पूरी तरह विरोध करती हूं।

हमारे बहादुर सैनिकों को ट्रंप की अपनी पसंद की जंग के लिए खतरे में डाला जा रहा है, जो दुनिया में हमारी साख को जोखिम में डाल रहा है। यह दृढ़ संकल्प नहीं, बल्कि कोरी लापरवाही है।”

“ट्रंप ने जंग खत्म करने का झूठा वादा किया था”

कमला हैरिस ने ट्रंप के पुराने चुनावी वादों की याद दिलाते हुए उन पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।

  • परमाणु खतरे पर: हैरिस ने माना कि ईरान से खतरा है और उसके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि जंग इसका समाधान नहीं है।

  • चुनावी वादे: हैरिस ने कहा, “कैंपेन के दौरान ट्रंप ने वादा किया था कि वे जंग खत्म करेंगे, शुरू नहीं। यह एक सफेद झूठ था।”

  • पिछले साल का दावा: उन्होंने ट्रंप के उस दावे को भी झूठा बताया जिसमें कहा गया था कि ‘हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तबाह कर दिया है।’

हैरिस ने चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप खुद मान चुके हैं कि इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिक हताहत हो सकते हैं, जिसके लिए वे और उनके पति डग एमहॉफ सैनिकों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की चेतावनी: “यह एक अवैध युद्ध है”

इस हमले के खिलाफ विरोध के सुर केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन से भी उठ रहे हैं। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने ट्रंप की सैन्य कार्रवाई को “अवैध आक्रामक युद्ध” बताया है।

ममदानी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “अमेरिका के लोग शहरों पर बमबारी, आम नागरिकों की हत्या और युद्ध का एक नया मोर्चा खोलना नहीं चाहते। अमेरिकी जनता सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि शांति और राहत चाहती है।”

ईरानी मूल के नागरिकों को दिया सुरक्षा का भरोसा

मेयर ममदानी ने न्यूयॉर्क में रहने वाले ईरानी मूल के नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे शहर में पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने पुलिस कमिश्नर और इमरजेंसी मैनेजमेंट अधिकारियों के साथ आपात बैठक की है और पूरे न्यूयॉर्क में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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