“उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कल यानी 23 जनवरी (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) के अवसर पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ ‘ब्लैकआउट मॉकड्रिल’ (Blackout Mock Drill) आयोजित की जाएगी”
लखनऊ | The Politics Again ब्यूरो दिनांक: 22 जनवरी, 2026
इस दौरान पूरे राज्य में बिजली गुल रहेगी और यह परखा जाएगा कि आपातकाल या युद्ध की स्थिति में दुश्मन देश के हवाई हमले (Air Raid) से निपटने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां कितनी तैयार हैं।
इस महा-अभ्यास से पहले आज (गुरुवार) राजधानी लखनऊ में इसका एक ‘फुल ड्रेस रिहर्सल’ किया गया, जिसने कुछ पलों के लिए पुलिस लाइन में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया।
कल शाम लखनऊ पुलिस लाइन में सब कुछ सामान्य था। लोग पार्क में टहल रहे थे, कोई अखबार पढ़ रहा था, तो कोई भजन गा रहा था।
चायवाला अपनी चाय बेच रहा था। तभी अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज आई और सायरन गूंजने लगे। यह ‘हवाई हमले’ का सिग्नल था।
मॉकड्रिल के दौरान बनाए गए कृत्रिम युद्ध जैसे हालात में:
पार्क में भगदड़ मच गई।
सिमुलेशन (Simulation) के तहत कई लोग ‘घायल’ होकर गिर पड़े। किसी के सिर में चोट दिखाई गई, तो किसी के पैर में।
यह मानकर रिहर्सल किया गया कि बम गिरने से इमारतों में आग लग गई है और एक बिल्डिंग का हिस्सा गिर गया है।
एक कार में आग लगने का सीन रिक्रिएट (Recreate) किया गया, जिसमें ड्राइवर अंदर फंस गया था और दरवाजे लॉक हो गए थे।
जैसे ही सायरन बजा, सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन, SDRF और NDRF की टीमें हरकत में आ गईं।
फर्स्ट एड: सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर्स ने सबसे पहले पार्क में घायल पड़े लोगों को प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस तक पहुँचाया।
आग पर काबू: आग को बुझाने के लिए गीले कम्बलों और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया।
हाई-राइज रेस्क्यू: ऊंची बिल्डिंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष जाल (Nets) और रस्सियों का इस्तेमाल किया गया।
कार रेस्क्यू: जलती हुई कार (सिमुलेटेड) का शीशा तोड़कर बचाव दल ने ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP), यूपी पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक और राहत आयुक्त को निर्देश जारी कर दिए हैं।
समय: जानकारी के अनुसार, कल शाम (संभावित 6 बजे के आसपास) सायरन बजेंगे।
प्रक्रिया: हवाई हमले की चेतावनी वाला सायरन 2 मिनट तक बजेगा। ठीक इसी समय बिजली आपूर्ति काट दी जाएगी (Blackout) ताकि रोशनी को टारगेट बनाकर दुश्मन हमला न कर सके।
उद्देश्य: यह देखना कि अंधेरे में प्रशासन कितनी तेजी से रिस्पॉन्स करता है और जनता सायरन की आवाज पर कैसे प्रतिक्रिया देती है।
मौजूदा वैश्विक हालातों और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए योगी सरकार का यह कदम बेहद अहम है।
यह मॉकड्रिल न केवल सुरक्षा एजेंसियों को चुस्त रखेगी, बल्कि आम जनता को भी यह सिखाएगी कि हवाई हमले जैसी आपात स्थिति में पैनिक होने के बजाय कैसे सुरक्षित रहना है।
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