Breaking News

एपस्टीन फाइल्स का ‘विस्फोट’: 35 लाख पन्नों में कैद दुनिया के ताकतवर चेहरों का सच; क्या मोदी और ट्रंप के खिलाफ केवल साजिश है?

“दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की मौत के वर्षों बाद भी उसका साया वैश्विक राजनीति का पीछा नहीं छोड़ रहा है”

नई दिल्ली “The Politics Again”  संतोष सेठ की रिपोर्ट 

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा सार्वजनिक किए गए 35 लाख पन्नों के नए दस्तावेजों ने एक ऐसा राजनीतिक भूकंप ला दिया है, जिसकी तीव्रता वॉशिंगटन से लेकर दिल्ली तक महसूस की जा रही है।

इन दस्तावेजों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप, बिल गेट्स और एलन मस्क जैसी दिग्गज हस्तियों के नाम संदर्भ के तौर पर सामने आए हैं।

लेकिन सवाल यह है कि क्या ये नाम किसी अपराध का संकेत हैं, या फिर सत्ता और धन के शीर्ष पर बैठे लोगों को बदनाम करने की एक गहरी अंतरराष्ट्रीय साजिश?


भारत कनेक्शन: पीएम मोदी और अनिल अंबानी के नाम पर क्यों मचा बवाल?

इन फाइलों के सबसे चौंकाने वाले हिस्सों में भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच कथित संदेशों का आदान-प्रदान है।

दस्तावेजों के अनुसार, इन संदेशों में वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक इजराइल यात्रा का जिक्र है।

  • दावा: एपस्टीन ने अपनी बातचीत में यह जताने की कोशिश की थी कि वह इजराइल और अमेरिका के साथ भारत के कूटनीतिक संबंधों में ‘पर्दे के पीछे’ से भूमिका निभा रहा था।

  • सरकार का रुख: विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने इसे एक ‘दोषी अपराधी की शेखी’ करार देते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति पारदर्शी है और किसी अपराधी के निजी संदेशों को सत्य मानना हास्यास्पद है।

  • हरदीप सिंह पुरी का पक्ष: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी निवेश चर्चाओं के संदर्भ में आया है, जिस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि एक राजनयिक और मंत्री के तौर पर उनके सभी संपर्क पूरी तरह औपचारिक और पेशेवर थे।


डोनाल्ड ट्रंप: क्लीन चिट या अभी बाकी है रहस्य?

अमेरिकी न्याय विभाग के उप महान्यायवादी टॉड ब्लांश ने स्पष्ट किया है कि एपस्टीन की फाइलों की समीक्षा में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ किसी भी यौन अपराध या आपराधिक कृत्य का सीधा सबूत नहीं मिला है।

हालांकि, दस्तावेजों में यह जरूर दर्ज है कि ट्रंप ने कभी एपस्टीन के घर की यात्रा की थी और 2002 के आसपास कुछ दोस्ताना संदेशों का आदान-प्रदान हुआ था।

विपक्ष का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने इन फाइलों को सार्वजनिक करने में देरी की, जबकि ट्रंप के समर्थकों का कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने की कोशिश है क्योंकि फाइलों में कुछ भी ठोस नहीं निकला।


वैश्विक ‘पावर नेटवर्क’ का बेनकाब चेहरा

एपस्टीन फाइल्स ने केवल नेताओं को ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे अमीर लोगों को भी असहज कर दिया है:

  • एलन मस्क और बिल गेट्स: इन दिग्गजों के साथ संदेशों का आदान-प्रदान दिखाता है कि एपस्टीन का ‘नेटवर्क’ कितना गहरा था।

  • ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया: ब्रिटेन के पीटर मैंडलसन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड के नाम आने से वहां की आंतरिक राजनीति में उबाल है।

  • इस्तीफों का दौर: स्लोवाकिया के सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजचाक को तो विवाद के कारण अपने पद से हाथ धोना पड़ा।


विश्लेषण: क्या नाम होना ही अपराध है? (The Integrity Question)

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘Context does not mean Conviction’ (संदर्भ का अर्थ दोषसिद्धि नहीं है)।

एपस्टीन एक ऐसा व्यक्ति था जो प्रभावशाली लोगों के बीच अपनी पैठ बनाने का शौकीन था। वह अक्सर अपनी बातों में बड़े नामों का इस्तेमाल अपनी अहमियत बढ़ाने के लिए करता था।

“जब कोई नेता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होता है, तो उसके खिलाफ ऐसी ‘कथाएं’ गढ़ना कुछ विदेशी ताकतों के लिए आसान टूल बन जाता है। भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को निशाना बनाने के लिए एपस्टीन जैसे कुख्यात नाम का सहारा लेना इसी हताशा का परिणाम हो सकता है।” – राजनीतिक विश्लेषक, The Politics Again

Santosh SETH

Recent Posts

जौनपुर में डबल मर्डर: खेत के विवाद में भाई ने मां-बहन को कुल्हाड़ी से काटा

जौनपुर में दिल दहलाने वाली वारदात: 'सगड़ी' ले जाने के विवाद में छोटे भाई ने…

6 hours ago

उपचुनाव: नंदीग्राम में भाजपा ने किया खेला? ममता की उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को ममता बनर्जी के साथ बड़ा खेला…

18 hours ago

अमेरिका को झटका: रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों वाले प्रस्ताव पर किया वीटो

UNSC में ईरान को लेकर अमेरिका बनाम रूस-चीन टकराव: वीटो से गिरा अमेरिकी प्रस्ताव, परमाणु…

24 hours ago

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: TMC के नाम और ‘फूल-घास’ चिह्न पर रोक

TMC में बड़ी बगावत का असर: चुनाव आयोग ने 'फूल और घास' चुनाव चिह्न और…

24 hours ago

दिल्ली: स्वरूप नगर गैंगरेप-मर्डर केस का खुलासा, परिचित ने ही ली जान

दिल्ली: स्वरूप नगर में ब्लाइंड गैंगरेप-मर्डर केस का 72 घंटे में खुलासा, परिचित ने ही…

1 day ago

गृह मंत्रालय : शहजाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित

गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई: 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित, अमित…

2 days ago