‘संस्कृति उत्सव 2026’: यूपी की छिपी प्रतिभाओं को मिलेगा ग्लोबल मंच, हुनर दिखाने का सुनहरा मौका; आवेदन शुरू
“उत्तर प्रदेश की समृद्ध और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने के लिए योगी सरकार और जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है”
लखनऊ/जौनपुर | द पॉलिटिक्स अगेन ब्यूरो
प्रदेश के गांवों और शहरों की गलियों में छिपी प्रतिभाओं को तराशने के लिए ‘संस्कृति उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
जिला प्रशासन और जिला पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के साझा प्रयासों से होने वाले इस उत्सव का मकसद न सिर्फ कलाकारों को मंच देना है, बल्कि लुप्त हो रही लोक विधाओं को संजीवनी देना भी है।
नेपथ्य से निकलकर ‘विश्व पटल’ पर छाने का मौका
अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के अद्भुत कलाकार संसाधनों या मंच के अभाव में गुमनाम रह जाते हैं। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य ऐसे ही कलाकारों को ‘नेपथ्य’ (पर्दे के पीछे) से बाहर लाना है।
प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि परंपरा का संरक्षण है। इसमें शास्त्रीय और उपशास्त्रीय संगीत से लेकर आपके आंचल की पारंपरिक लोक कलाओं को सम्मान दिया जाएगा।
इन विधाओं में दिखा सकते हैं दम
अगर आपमें सुर, ताल या अभिनय का हुनर है, तो यह मंच आपके लिए है। प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं:
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संगीत: शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय गायन और वादन।
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नृत्य: शास्त्रीय और लोक नृत्य की विभिन्न विधाएं।
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लोक कला: लोक संगीत (Folk Music) और लोकनाट्य (Folk Drama)।
कौन कर सकता है आवेदन? (आयु सीमा)
प्रतियोगिता को दो वर्गों में बांटा गया है ताकि समान आयु के कलाकारों के बीच प्रतिस्पर्धा हो सके:
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किशोर वर्ग: 14 वर्ष से 20 वर्ष तक।
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युवा वर्ग: 21 वर्ष से 25 वर्ष तक।
कैसे करें आवेदन? (Step-by-Step)
इच्छुक कलाकारों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी:
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स्टेप 1: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://upsanskriti.com/utsav-login पर जाकर अपना पंजीकरण करें।
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स्टेप 2: ऑनलाइन आवेदन के बाद फॉर्म की हार्ड कॉपी निकालें।
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स्टेप 3: हार्ड कॉपी को अपने जिले के ‘जिला सूचना कार्यालय’ में जमा कराएं।
प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे अपनी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लें।












