Breaking News

राघव चड्ढा ने छोड़ी AAP, BJP में हुए शामिल; हरभजन और पाठक समेत 6 सांसद भी कर सकते हैं बगावत

आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत: राघव चड्ढा ने थामा BJP का दामन, कई अन्य राज्यसभा सांसदों के भी साथ छोड़ने की तैयारी

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देश की राजनीति में एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला उलटफेर सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सबसे चर्चित और युवा चेहरों में शुमार राघव चड्ढा ने अपनी पुरानी पार्टी से रास्ते अलग कर लिए हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का बड़ा ऐलान कर दिया है।

सबसे बड़ा झटका यह है कि इस बगावत में राघव अकेले नहीं हैं; उनके साथ आम आदमी पार्टी के कई अन्य दिग्गज राज्यसभा सांसद—जिनमें संदीप पाठक, डॉ. अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी शामिल हैं—के भी भाजपा में शामिल होने की बात पुख्ता हो चुकी है। यह अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़ा सियासी भूकंप माना जा रहा है।

टूट की असल पटकथा:

पद से हटाना और सदन में बोलने पर रोक इस बड़ी टूट की सुगबुगाहट कुछ दिन पहले ही शुरू हो गई थी, जब आम आदमी पार्टी ने एक सख्त कदम उठाते हुए राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से राघव चड्ढा को हटा दिया था।

उनकी जगह यह जिम्मेदारी डॉ. अशोक कुमार मित्तल को सौंपी गई थी। इस फैसले ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े किए थे।

बगावत की आग में घी डालने का काम तब हुआ, जब पार्टी नेतृत्व ने राज्यसभा सचिवालय को बाकायदा पत्र लिखकर यह अनुरोध किया कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए पार्टी के कोटे से समय न दिया जाए।

इस अघोषित पाबंदी के बाद से ही साफ हो गया था कि चड्ढा और पार्टी आलाकमान के बीच सुलह के सभी रास्ते बंद हो चुके हैं।

कैसे आई केजरीवाल और चड्ढा के बीच दूरियां?

राघव चड्ढा को हमेशा से अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी माना जाता था। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के आंदोलन के समय से ही दोनों साथ थे।

लेकिन सूत्रों के अनुसार, इन दोनों नेताओं के बीच खटास उस वक्त शुरू हुई जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली शराब नीति मामले में जेल में थे।

उस मुश्किल दौर में राघव चड्ढा अपनी पत्नी परिणीति चोपड़ा के साथ लंदन में छुट्टियां मना रहे थे और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर रहे थे। इसके अलावा:

  • हालिया लोकसभा चुनावों में भी राघव को पंजाब के चुनाव प्रचार से पूरी तरह से दूर रखा गया। वे केवल श्री आनंदपुर साहिब सीट पर ही कुछ समय के लिए दिखाई दिए थे।

  • राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले काफी समय से जब पार्टी गहरे संकट में थी, तब राघव चड्ढा ने अहम मुद्दों पर पूरी तरह से रहस्यमयी चुप्पी साध रखी थी।

चार्टर्ड अकाउंटेंट से AAP के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और फिर राज्यसभा तक का सफर

राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के जरिए ही अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी और बेहद कम समय में तेज उड़ान भरी थी:

  • 2015: महज 26 साल की उम्र में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

  • 2019: दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

  • 2020: दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें दिल्ली जल बोर्ड (DJB) का उपाध्यक्ष बनाया गया।

  • 2022: उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी गई। पंजाब में AAP की प्रचंड जीत के बाद 21 मार्च 2022 को उन्हें राज्यसभा भेजा गया। वे पंजाब से उच्च सदन के सबसे युवा सदस्य बने।

पार्टी की सफाई और राघव का ‘शायराना’ पलटवार इस पूरे घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी की ओर से लगातार डैमेज कंट्रोल की कोशिश की जा रही थी।

पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने बदलावों को एक ‘सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया’ करार दिया था, जिसका मकसद अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देना बताया गया था।

हालांकि, राघव चड्ढा इस कार्रवाई से खुद को किनारे किए जाने और अपनी ‘आवाज दबाए जाने’ के तौर पर देख रहे थे।

उन्होंने सीधे तौर पर तो पार्टी के फैसले पर कोई बयान नहीं दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए।

उन्होंने इशारों में कहा— “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।”

अब यह सैलाब आम आदमी पार्टी में एक बड़ी टूट के रूप में सामने आ चुका है, जिसका असर दिल्ली और पंजाब की राजनीति पर लंबे समय तक दिखाई देगा।

Santosh SETH

Recent Posts

‘दिल्ली का रहमान डकैत’: परवेश वर्मा का केजरीवाल पर तीखा हमला

'दिल्ली का रहमान डकैत': परवेश वर्मा का केजरीवाल पर तीखा हमला, कहा- तैयार हो गया…

7 hours ago

AAP में टूट पर अन्ना हजारे की दो टूक: पार्टी सही होती तो नेता नहीं छोड़ते’

AAP में बगावत पर अन्ना हजारे का कड़ा प्रहार: 'स्वार्थ के लिए दल बदलना असंवैधानिक;…

7 hours ago

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पक्षपात के आरोप में 6 पुलिस अधिकारी निलंबित

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: चुनाव आयोग का कड़ा एक्शन, पक्षपात और अनियमितता के आरोप में…

7 hours ago

बद्दी फैक्ट्री ब्लास्ट: 20 लाख के मुआवजे के बाद ऋषभ का अंतिम संस्कार

बद्दी फैक्ट्री ब्लास्ट: 20 लाख रुपये के मुआवजे पर बनी सहमति; पैतृक गांव में हुआ…

10 hours ago

पश्चिम एशिया संकट: 17.83 लाख FTL सिलेंडर बिके, सरकार का ईंधन आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा अपडेट

"पश्चिम एशिया में स्थिति लगातार बदल रही है, ऐसे में भारत सरकार नागरिकों को सूचित…

11 hours ago

मंत्री AK शर्मा ने भूसा दान अभियान में की शिरकत, 9674 क्विंटल भूसा संग्रहित

जौनपुर में 'भूसा दान महाभियान': मंत्री ए.के. शर्मा ने दानदाताओं को किया सम्मानित, अब तक…

11 hours ago