BJP का नया दौर: नितिन नबीन ने पद संभालते ही कहा – ‘बंगाल-केरल में बदल रही डेमोग्राफी, वहां भी हम जीतेंगे’
“भारतीय जनता पार्टी (BJP) में मंगलवार को आधिकारिक तौर पर नेतृत्व परिवर्तन हो गया। जेपी नड्डा के बाद अब पार्टी की कमान 45 वर्षीय नितिन नबीन के हाथों में है”
नई दिल्ली | द पॉलिटिक्स अगेन ब्यूरो। लवली रमेश धमीजा की रिपोर्ट
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने नितिन नबीन को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा।
इसी के साथ नितिन नबीन भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। खास बात यह है कि 1980 में जब भाजपा की स्थापना हुई थी, उसी साल नितिन नबीन का जन्म भी हुआ था। वे पार्टी के इतिहास में इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा नेता हैं।
कुर्सी संभालते ही तय किया एजेंडा: ‘डेमोग्राफी और राष्ट्रवाद’
अध्यक्ष पद संभालते ही अपने पहले भाषण में नितिन नबीन ने पार्टी की भविष्य की रणनीति स्पष्ट कर दी।
उन्होंने न केवल ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराया, बल्कि 2026 में होने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर कड़ा संदेश दिया।
1. डेमोग्राफी पर चिंता और चुनावी हुंकार: नितिन नबीन ने कहा, “अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाले हैं। वहां जिस तरह से डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) बदल रही है, उसकी चर्चा हो रही है। यह हमारे लिए चुनौती है, लेकिन मुझे विश्वास है कि भाजपा कार्यकर्ता अपने परिश्रम से इन पांचों राज्यों में कमल खिलाएंगे।”
2. कश्मीर और धारा 370: पुराने दौर को याद करते हुए नबीन ने कहा, “हमने वो दौर देखा है जब कश्मीर में पाकिस्तान के झंडे लहराते थे और दिल्ली की सरकार मौन रहती थी। लेकिन आज जब श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा लहराता है, तो गर्व होता है। धारा 370 की समाप्ति के बाद कश्मीर की फिजा बदल गई है।”
3. जनसंघ के नारे हुए सच: नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन सपनों को पूरा होते देखा है जो कभी जनसंघ के नारे हुआ करते थे—चाहे वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हो या डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान (‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है’)।
सादगी से शिखर तक का सफर
नितिन नबीन की छवि एक सादगी पसंद और जमीनी कार्यकर्ता की रही है। 14 दिसंबर को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से बिहार सरकार में कानून और शहरी विकास मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था, ताकि वे संगठन को पूरा समय दे सकें।
नबीन ने अपने संबोधन में कहा, “आज का क्षण मेरे लिए केवल पद ग्रहण करने का नहीं, बल्कि संकल्प का क्षण है। मैं पार्टी की विचारधारा और राष्ट्रवादी आंदोलन की जिम्मेदारी स्वीकार कर रहा हूं।”
मंच पर दिग्गजों का जमावड़ा
इस ऐतिहासिक मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नबीन को बधाई दी। मंच पर पीएम मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी जैसे दिग्गज मौजूद रहे, जो यह संदेश देने के लिए काफी था कि पार्टी नए नेतृत्व के पीछे पूरी मजबूती से खड़ी है।












