नेशनल डेंटल कमीशन (NDC) का गठन, DCI भंग
दंत चिकित्सा शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार… डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) भंग, केंद्र सरकार ने किया ‘नेशनल डेंटल कमीशन’ (NDC) का गठन… डॉ. संजय तिवारी बने अध्यक्ष… पढ़ें ‘The Politics Again’ की पूरी रिपोर्ट…
ऐतिहासिक फैसला: डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) भंग, दंत शिक्षा में सुधार के लिए ‘नेशनल डेंटल कमीशन’ (NDC) का गठन
नई दिल्ली | स्वास्थ्य डेस्क, संतोष सेठ की रिपोर्ट, The Politics Again
देश में दंत चिकित्सा शिक्षा (Dental Education) और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
सरकार ने ‘नेशनल डेंटल कमीशन’ (NDC) का गठन किया है, जो अब देश में दंत शिक्षा और पेशेवर मानकों के नियमन का सर्वोच्च निकाय होगा।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही 1948 के डेंटिस्ट्स एक्ट को समाप्त कर दिया गया है और पुरानी ‘डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया’ (DCI) को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
19 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के साथ ही यह नई व्यवस्था देश भर में लागू हो गई है।
विशेषज्ञों द्वारा संचालित होगा नया नियामक ढांचा
यह सुधार दंत शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्ता-आधारित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
पुरानी चुनाव-आधारित संरचना को खत्म करते हुए, अब पूरी तरह से विशेषज्ञों (Experts) द्वारा संचालित नियामक ढांचा स्थापित किया गया है।
कमीशन के नेतृत्व के लिए अनुभवी विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। डॉ. संजय तिवारी को NDC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. मौसुमी गोस्वामी को अंशकालिक सदस्य बनाया गया है।
कामकाज के लिए बनाए गए तीन स्वायत्त बोर्ड
नेशनल डेंटल कमीशन के सुचारू संचालन के लिए इसके तहत तीन स्वायत्त बोर्डों (Autonomous Boards) का गठन किया गया है, जिनकी जिम्मेदारियां इस प्रकार बांटी गई हैं:
अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डेंटल एजुकेशन बोर्ड: यह बोर्ड देश में दंत शिक्षा के पाठ्यक्रम और उसकी गुणवत्ता को सुनिश्चित करेगा।
डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड: इसका मुख्य कार्य दंत चिकित्सा संस्थानों का मूल्यांकन (Assessment) करना और उन्हें मान्यता प्रदान करना होगा।
दंत शिक्षा और पेशेवर मानक बोर्ड: यह बोर्ड दंत चिकित्सकों के पंजीकरण (Registration) और उनके लिए आचार संहिता (Ethics) की निगरानी करेगा।
प्राइवेट कॉलेजों की फीस पर भी कसेगी नकेल
नेशनल डेंटल कमीशन की प्रमुख जिम्मेदारियों में न केवल शिक्षा के नियम बनाना और संस्थानों का मूल्यांकन करना शामिल है, बल्कि यह निजी दंत कॉलेजों की फीस के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश तय करेगा।
इसके अलावा, अनुसंधान (Research) को बढ़ावा देना, मानव संसाधन का आकलन करना और सामुदायिक दंत स्वास्थ्य के लिए मानक निर्धारित करना भी इसके एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है।
सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह ढांचागत सुधार न केवल दंत शिक्षा की गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बनाएगा, बल्कि आम जनता को सस्ती, सुलभ और बेहतर मौखिक स्वास्थ्य सेवाएं (Oral Healthcare) उपलब्ध कराने में भी बेहद मददगार साबित होगा।
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