मुंबई ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स ; ‘संजय राउत का तंज- ‘ताज होटल को बना दिया जेल’
“बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद मेयर पद के लिए खींचतान तेज, 89 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, शिंदे गुट को 29 सीटें; ‘ताज होटल’ में पार्षदों की बाड़ेबंदी पर सियासत गरमाई”
[मुंबई | द पॉलिटिक्स अगेन ब्यूरो]
देश की सबसे अमीर महानगर पालिका ‘बीएमसी’ (BMC) में सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसे लेकर मुंबई में सियासी पारा चढ़ गया है।
रविवार को मुंबई में एक बार फिर ‘होटल पॉलिटिक्स’ का नजारा देखने को मिला, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को एक होटल में एकजुट किया।
शिंदे ने साफ कर दिया है कि बीएमसी का अगला मेयर ‘महायुति’ गठबंधन से ही होगा। वहीं, दूसरी तरफ शिवसेना (यूबीटी) ने इस बाड़ेबंदी पर कड़ा प्रहार करते हुए एकनाथ शिंदे पर अपने ही पार्षदों को कैद करने का आरोप लगाया है।
शिंदे का दावा
जनता ने विकास को चुना पार्षदों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आत्मविश्वास दिखाया।
उन्होंने कहा, “मुंबई की जनता ने विकास-विरोधी विचारधारा को नकार दिया है और महायुति पर भरोसा जताया है। हम बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं।”
मेयर पद को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए शिंदे ने घोषणा की, “मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और अन्य जगहों पर मेयर महायुति विचारधारा के ही होंगे।”
उन्होंने नवनिर्वाचित पार्षदों को अपने-अपने वार्ड में अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं के जरिए विकास पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है।
बीएमसी का अंकगणित
227 सदस्यीय सदन में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कम समय में ही 29 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी ताकत दिखाई है। इन आंकड़ों के साथ महायुति मेयर पद के लिए मजबूत स्थिति में है।
संजय राउत का हमला ‘डरे हुए हैं शिंदे’
शिंदे गुट की बैठक पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने तीखा हमला बोला है। राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे ने ताज होटल को ‘जेल’ में बदल दिया है और पार्षदों की रिहाई की मांग की।
राउत ने तंज कसते हुए कहा,
“एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री जैसे शक्तिशाली पद पर हैं, फिर भी उन्हें डर है कि उनके पार्षद भाग जाएंगे। यह स्थिति बेहद हास्यास्पद है। पहले वे विधायकों को सूरत ले गए थे, अब पार्षदों को कैद कर रहे हैं।”
राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शिंदे अपनी पार्टी की असुरक्षा को छिपाने के लिए पार्षदों को अलग-थलग कर रहे हैं।
होटल पॉलिटिक्स और भविष्य की राह
बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद मेयर पद के चुनाव तक पार्षदों को टूटने से बचाना पार्टियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
जिस तरह से पार्षदों को होटल में रखा गया है, उससे साफ है कि मुंबई की राजनीति में अभी और ड्रामा बाकी है।
अब देखना होगा कि देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की जोड़ी बीएमसी में अपना मेयर बनाने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।












