मिडिल ईस्ट संकट: राजनाथ सिंह की बैठक, PM मोदी का बड़ा एक्शन
डिफेंस ब्रेकिंग: मिडिल ईस्ट युद्ध पर भारत अलर्ट… रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की सेना प्रमुखों के साथ हाई-लेवल बैठक… CDS अनिल चौहान और DRDO चीफ रहे मौजूद… PM मोदी की अध्यक्षता में CCS की अहम बैठक, स्थिति से निपटने के लिए बना ‘मंत्रियों का विशेष समूह’… अमेरिकी रक्षा उप सचिव एलब्रिज कोल्बी भी पहुंचे भारत… पढ़ें ‘The Politics Again’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट…
मिडिल ईस्ट संकट: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ली सेना प्रमुखों की हाई-लेवल बैठक; PM मोदी ने स्थिति से निपटने के लिए बनाया ‘मंत्रियों का समूह’
नई दिल्ली | नेशनल एंड डिफेंस डेस्क, संतोष सेठ की रिपोर्ट The Politics Again
पश्चिम एशिया (Middle East) में चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुके भीषण संघर्ष और इसके वैश्विक प्रभावों को लेकर भारत सरकार पूरी तरह से ‘हाई अलर्ट’ पर है।
मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्षेत्र में तेजी से बदल रहे हालात और भारत की सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संकट से निपटने और आम जनता को इसके आर्थिक प्रभावों से बचाने के लिए एक ‘विशेष मंत्री समूह’ के गठन का निर्देश दिया है।
राजनाथ सिंह की बैठक में मौजूद रहे सेना के शीर्ष अधिकारी
रक्षा मंत्री द्वारा बुलाई गई इस अहम सुरक्षा समीक्षा बैठक में देश के सभी शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) के प्रमुखों ने हिस्सा लिया।
इनके अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख, रक्षा सचिव और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस हाई-लेवल मीटिंग में उपस्थित थे।
सरकार क्षेत्र में हो रहे हर छोटे-बड़े सामरिक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रख रही है।
अमेरिकी रक्षा उप सचिव का भारत दौरा
भू-राजनीतिक सरगर्मियों के बीच एक और अहम घटनाक्रम में, अमेरिकी रक्षा उप सचिव (US Deputy Secretary of Defense) एलब्रिज कोल्बी भी इस वक्त भारत दौरे पर हैं और वे भारत के वरिष्ठ सैन्य एवं कूटनीतिक अधिकारियों के साथ गहन चर्चा कर रहे हैं।
PM मोदी की अध्यक्षता में CCS की अहम बैठक
रक्षा मंत्री की बैठक से पहले, देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था— ‘सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति’ (CCS) की भी एक अहम बैठक हुई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उत्पन्न स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर फोकस: बैठक में मुख्य रूप से आम नागरिकों की खाद्य, ऊर्जा और ईंधन (Fuel) सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
PM का निर्देश: ‘नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास हों’
CCS की बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष एक तेजी से बदलती हुई स्थिति है, जिसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है।
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने और ‘मंत्रियों और सचिवों का एक समर्पित समूह’ (GoM) गठित करने का सख्त निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के सभी अंगों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि इस वैश्विक संकट का भारत की आम जनता पर कम से कम असर पड़े और उन्हें कोई असुविधा न हो।
बैठक में इस संकट के अल्पकालिक (Short-term), मध्यम और दीर्घकालिक (Long-term) प्रभावों का गहराई से आकलन किया गया।
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