कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया रद्द करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पुरजोर मांग की है।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला: CEC के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव कराने सहित रखीं तीन ‘अटल’ मांगें”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची (Voter List) में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग (Election Commission) और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक सख्त पोस्ट करते हुए खरगे ने चुनावी ढांचे को लेकर पार्टी की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस इन मांगों पर कोई भी समझौता (No Compromise) नहीं करेगी।
ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा: मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
SIR प्रक्रिया रद्द हो: मतदाता सूची से जुड़ी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (Special Intensive Revision – SIR) की पूरी प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए।
बैलेट पेपर से चुनाव: भविष्य के सभी चुनाव ईवीएम (EVM) के बजाय पूरी तरह से ‘बैलेट पेपर’ (Ballot Paper) से कराए जाएं।
खरगे ने कहा, “इन तीन मुद्दों को लेकर देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के सहयोगी सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
देश के किसी भी हिस्से में जो नागरिक समाज (Civil Society) और युवा संगठन इन मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों के साथ पुलिस की कथित बदसलूकी की भी कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार ने दिल्ली में महिला पत्रकारों को परेशान किया है, जो अत्यंत निंदनीय है।
तानाशाह अब बहुत घबराया हुआ है, इसलिए देश को ध्यान भटकाने वाली नई चालों के लिए तैयार रहना चाहिए।”
खरगे का यह बयान 3 अक्टूबर को राजधानी में हुए उग्र विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में आया है। ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा/AISA) और अन्य नागरिक समूहों ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ जंतर-मंतर पर भारी प्रदर्शन किया था।
इस दौरान आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण जैसे प्रमुख लोगों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की थी।
डीसीपी (DCP) नेहा यादव के अनुसार, इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। चेतावनी के बावजूद हटने से इनकार करने पर कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
इसी दौरान खुद को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने पुलिस पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न की गंभीर शिकायत भी दर्ज कराई थी।
| विषय / बिंदु | कांग्रेस की मांगें और दावे |
| मांग 1 | मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा। |
| मांग 2 | चुनाव आयोग की SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया को रद्द करना। |
| मांग 3 | ईवीएम की जगह बैलेट पेपर (Ballot Paper) से चुनाव कराना। |
| खरगे का दावा | “इन तीन मांगों पर कांग्रेस पार्टी कोई समझौता नहीं करेगी।” |
| समर्थन की घोषणा | INDIA गठबंधन, नागरिक समाज और युवा संगठनों के संघर्ष का समर्थन। |
| अन्य प्रमुख मुद्दा | दिल्ली प्रदर्शन में महिला पत्रकारों के साथ पुलिस की बदसलूकी की निंदा। |
| जंतर-मंतर प्रदर्शन (3 अक्टूबर) | आइसा, कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण और कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन व हिरासत। |
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