PM Modi cabinet meeting 2026

‘केरल’ अब हुआ ‘केरलम’: नए PMO ‘सेवा तीर्थ’ में मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले, ₹12,236 करोड़ के प्रोजेक्ट्स मंजूर | The Politics Again

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ‘सेवा तीर्थ’ में मंगलवार को पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई”

नई दिल्ली (The Politics Again) : शिल्पा की रिपोर्ट 

इस ऐतिहासिक बैठक में कई अहम नीतिगत, ढांचागत और कूटनीतिक फैसले लिए गए हैं। सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित फैसला राज्य के नामकरण को लेकर रहा।

जहां केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इन फैसलों की विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा की।

₹12,236 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और देश भर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने 12,236 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दी है। इसमें मुख्य रूप से रेलवे और शहरी परिवहन पर फोकस किया गया है:

  • रेलवे नेटवर्क का विस्तार: गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए सबसे ज्यादा 5,236 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

  • इसके अलावा पुनरख-किऊल की तीसरी-चौथी लाइन (₹2,668 करोड़) और गम्हरिया-चांडिल की तीसरी-चौथी लाइन (₹1,168 करोड़) को मंजूरी मिली है।

  • शहरी यातायात और विमानन: श्रीनगर में 1,667 करोड़ रुपये की लागत से एक नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल बनाया जाएगा।

  • वहीं, अहमदाबाद मेट्रो के फेज 28 के विस्तार के लिए 1,067 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

दुर्लभ खनिजों के लिए जर्मनी और कनाडा से समझौता

‘आत्मनिर्भर भारत’ और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, भारत ने दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) के क्षेत्र में जर्मनी और कनाडा के साथ सहयोग समझौतों को मंजूरी दी है।

इसके तहत लीथियम, कोबाल्ट और निकल जैसे आधुनिक तकनीक के लिए जरूरी खनिजों का संयुक्त अन्वेषण और तकनीक ट्रांसफर (Technology Transfer) किया जाएगा।

किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़े फैसले

कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र को राहत देते हुए कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया है, जिसके लिए 430 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

साथ ही, ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता बढ़ाने के लिए नए ‘पावर सेक्टर रिफॉर्म्स’ को भी मंजूरी दी गई है।

साउथ ब्लॉक की यादें और ‘सेवा तीर्थ’ की नई शुरुआत

इससे पहले 13 फरवरी को पुरानी बिल्डिंग ‘साउथ ब्लॉक’ में आखिरी कैबिनेट बैठक हुई थी, जहां पीएम मोदी ने पुरानी यादें साझा की थीं।

उन्होंने बताया था कि कैसे देश के पहले 4 बड़े युद्धों की रणनीति साउथ ब्लॉक के वॉर रूम में बनी थी और पंडित नेहरू को पहली चार कैबिनेट बैठकें राष्ट्रपति भवन में करनी पड़ी थीं।

अब नया पीएमओ ‘सेवा तीर्थ’ पूरी तरह से तैयार है। कैबिनेट सचिवालय को भी यहीं शिफ्ट कर दिया गया है और इसके नजदीक ही नया प्रधानमंत्री आवास बन रहा है।

इस पूरे सेंट्रल विस्टा के बन जाने से वीवीआईपी मूवमेंट के कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

कैबिनेट बैठकों में ‘गुड न्यूज़’ की परंपरा

पीएम मोदी ने कैबिनेट बैठकों में एक सकारात्मक और प्रेरक माहौल बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। वह मंत्रियों से उम्मीद करते हैं कि वे बैठक में केवल एजेंडे पर चर्चा न करें, बल्कि मंत्रालय या व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी कोई ‘अच्छी खबर’ (Good News) भी साझा करें।

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