जौनपुर: सब्जी की खेती और फेंसिंग पर मिलेगी सरकारी मदद; ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर होगा चयन
“पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी और आधुनिक खेती की तरफ रुख करने वाले जौनपुर के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर आया है’
जौनपुर | The Politics Again
मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना (राज्य सेक्टर) के तहत जिले में किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए खजाना खोल दिया गया है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा ने बताया कि शासन की ओर से जिले के लिए विभिन्न कृषि गतिविधियों के लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं।
जो किसान इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें तत्काल आवेदन करना होगा क्योंकि चयन प्रक्रिया ‘प्रथम आवक-प्रथम पावक’ (First Come, First Served) के आधार पर होगी।
इन मदों में मिलेगा लाभ (आवंटित लक्ष्य)
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार, योजना के तहत निम्नलिखित गतिविधियों के लिए अनुदान और सहायता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है:
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संकर (हाइब्रिड) सब्जी खेती: 85 हेक्टेयर
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फेंसिंग (तारबंदी): 5400 रनिंग मीटर (नीलगाय/आवारा पशुओं से सुरक्षा के लिए)
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मल्चिंग (Mulching): 15 हेक्टेयर
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मचान विधि (सब्जी उत्पादन): 15 हेक्टेयर
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मसाला खेती: 08 हेक्टेयर
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HDPE वर्मी बेड (केंचुआ खाद): 15 यूनिट
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मौनपालन (मधुमक्खी पालन): 09 यूनिट
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इच्छुक किसानों को अपना पंजीकरण कराने के लिए जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में संपर्क करना होगा। आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज लाना अनिवार्य है:
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आधार कार्ड (Aadhaar Card)
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बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
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खतौनी (अद्यतन)
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दो पासपोर्ट साइज फोटो
‘देर की तो छूट जाएगा मौका’
डॉ. सीमा सिंह राणा ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर दिया जाएगा।
यानी जो किसान पहले पंजीकरण कराएगा, उसे वरीयता मिलेगी। लक्ष्य पूरा होने के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “यह पहल जौनपुर के किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए है। किसान किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय आकर संपर्क कर सकते हैं।”












