“मृतक और शिफ्टेड वोटर्स पर विशेष नजर। घर-घर सर्वे के बाद ‘अनमैप्ड’ वोटर्स को नोटिस जारी। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र की तैयारियों से संतुष्ट दिखे सभी दल”
[जौनपुर/ब्यूरो] — The Politics Again: सुनील कुमार की रिपोर्ट
आगामी चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में युवा एवं खेल मंत्रालय (भारत सरकार) के संयुक्त सचिव और विशेष रोल प्रेक्षक (Special Roll Observer) श्री कुणाल (IAS) ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक अहम समीक्षा बैठक की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 1 जनवरी 2026 के आधार पर हो रहे विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) की जमीनी हकीकत परखना था।
जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) डॉ. दिनेश चंद्र ने प्रेक्षक को बताया कि आयोग की टाइमलाइन के अनुसार जिले में घर-घर गणना (Door-to-door survey) और डिजिटाइजेशन का काम पूरा किया गया है।
बड़ा कदम: मृतक (Dead), अनुपस्थित (Absent) और शिफ्टेड (Shifted) वोटर्स के डेटा को ‘अनमैप्ड’ (Unmapped) श्रेणी में रखा गया है।
नोटिस जारी: 6 जनवरी 2026 को मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के बाद, अब दूसरे चरण में इन अनमैप्ड मतदाताओं को नोटिस भेजकर सत्यापन किया जा रहा है, ताकि कोई भी फर्जी वोटर लिस्ट में न रहे और कोई असली वोटर छूटे नहीं।
श्री कुणाल ने निर्देश दिया कि सभी ईआरओ (Electoral Registration Officers) विधानसभा-वार मैपिंग की प्रगति पर नजर रखें।
उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रशासन ने ‘जनसुनवाई केंद्र’ बनाए हैं, जहाँ अनमैप्ड मतदाताओं के साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।
उन्होंने साफ कहा, “राजनैतिक दलों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें, ताकि पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे।”
आमतौर पर मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक दलों में असंतोष देखा जाता है, लेकिन इस बैठक में एक अलग ही नजारा था।
भाजपा, सपा, कांग्रेस और आप सहित सभी दलों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के काम की तारीफ की।
राजनीतिक दलों ने माना कि डीएम डॉ. दिनेश चंद्र के नेतृत्व में उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रेक्षक ने दलों से सुझाव मांगे और आश्वासन दिया कि उनके सुझावों को उच्च स्तर तक पहुँचाया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट सहित सभी ईआरओ मौजूद थे।
राजनीतिक दलों की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, सपा जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य, अपना दल से लालबहादुर पटेल, कांग्रेस उपाध्यक्ष राकेश सिंह, आप से सुभाष चंद्र गौतम और सीपीआईएम से के.एस. रघुवंशी ने अपने विचार रखे।
“विशेष रोल प्रेक्षक के दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 2026 की मतदाता सूची ‘क्लीन और एरर-फ्री’ होगी। प्रशासन की सख्ती और राजनीतिक दलों का सहयोग एक स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत है”
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