जौनपुर के विजयीपुर ग्राम स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जिला मलेरिया अधिकारी ने फाइलेरिया मरीजों को रुग्णता प्रबंधन किट प्रदान की और स्कूली बच्चों को जागरूक किया।
जौनपुर में संचारी दस्तक अभियान तेज: फाइलेरिया मरीजों को बांटी गई किट, स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक”
जौनपुर : द पॉलिटिक्स अगेन : अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट
जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम और मच्छरों के पनपने पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में है।
इसी क्रम में शनिवार को मुफ्तीगंज ब्लॉक के ग्राम विजयीपुर स्थित ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ पर संचारी रोग नियंत्रण अभियान और फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन कैंप का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कैंप में ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
आयोजित कैंप में सीएचओ (CHO) खुशबू मौर्या, डीओ पाथ अमरेश कुमार और क्षेत्रीय आशाओं के सहयोग से फाइलेरिया (हाथीपांव) के 10 मरीजों को विशेष रुग्णता प्रबंधन प्रशिक्षण दिया गया।
मरीजों को व्यायाम, साफ-सफाई और घाव की धुलाई आदि की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ ‘रुग्णता प्रबंधन किट’ भी प्रदान की गई।
इसके अलावा मरीजों और उनके परिजनों को मच्छरों की रोकथाम, झाड़ियों की सफाई और हाथ धोने के महत्व के बारे में बताकर पोस्टर और पैम्फलेट बांटे गए।
क्षेत्रीय आशा विजय लक्ष्मी पाठक की उपस्थिति में गांव में संचारी दस्तक अभियान की गतिविधियों का सघन पर्यवेक्षण भी किया गया।
अभियान की अगली कड़ी में प्राथमिक विद्यालय विजयीपुर में एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती प्रतीक्षा राय और छात्र-छात्राओं के बीच संचारी रोगों के कारण, लक्षण, बचाव, जांच और उपचार पर चर्चा की गई।
बच्चों को बताया गया कि मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, टीबी, टाइफॉयड, हैजा और डायरिया जैसी बीमारियां मच्छर, मक्खी, दूषित भोजन-पानी और खुले में रखी खाद्य सामग्रियों के सेवन से फैलती हैं।
आपको बता दें कि जौनपुर में 1 जुलाई से 31 जुलाई तक ‘संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ और 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक ‘दस्तक अभियान’ चलाया जा रहा है।
इसके तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं।
साथ ही बुखार, टीबी, कुष्ठ और फाइलेरिया के लक्षण वाले मरीजों को चिन्हित कर उन्हें जांच व उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा जा रहा है।
घर के आसपास साफ-सफाई रखें, जल जमाव न होने दें और झाड़ियां न उगने दें।
रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालें। कूलर, फ्रिज की ट्रे और गमलों का पानी हफ्ते में एक बार जरूर बदलें।
पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
बुखार होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में निःशुल्क जांच कराएं। (बुखार में देरी पड़ेगी भारी)
स्वास्थ्य विभाग का नारा: “जल जमाव होगा जहां, मच्छर पैदा होंगे वहां।शूकर, मच्छर, गंदा पानी, संचारी रोगों की रचे कहानी।”
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