जौनपुर में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग तथा एंटी-लार्वा छिड़काव किया जा रहा है।
जौनपुर में बढ़ा डेंगू का खतरा, 5 दिन में मिले 5 नए मरीज; मलेरिया अधिकारी ने कहा— ‘हर रविवार करें मच्छरों पर वार’
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
बारिश का मौसम खत्म होने के बाद अब डेंगू (Dengue) का खतरा तेजी से मंडराने लगा है। जौनपुर जनपद में पिछले 5 दिनों में डेंगू के 5 नए केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
इस साल जनवरी 2026 से लेकर अब तक जिले में कुल 19 डेंगू के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। राहत की बात यह है कि जिले में अभी तक डेंगू से किसी की मृत्यु नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि अक्टूबर महीने के अंत तक डेंगू संक्रमण का खतरा चरम पर रहने की संभावना है, इसलिए नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
डेंगू मादा ‘एडीज’ (Aedes) मच्छर के काटने से फैलने वाला एक गंभीर वायरल संक्रमण है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में अंडे देता है।
घरों के कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे, खुली पानी की टंकियां, टायर, टिन और प्लास्टिक के बर्तन इसके पसंदीदा प्रजनन स्थल हैं।
यह मच्छर दिन के समय, खासकर सुबह और शाम के वक्त ज्यादा काटता है। जो लोग पूरी आस्तीन के कपड़े नहीं पहनते, उन्हें इसके संक्रमण का सबसे अधिक खतरा होता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार के साथ सिर, बदन, मांसपेशियों या हड्डियों में गंभीर दर्द (हड्डी तोड़ बुखार) महसूस हो रहा हो, तो यह डेंगू हो सकता है।
इसके अलावा उल्टी, मितली और भूख की कमी भी इसके लक्षण हैं। जांच और इलाज में देरी होने पर शरीर में प्लेटलेट्स (Platelets) की कमी और रक्तस्राव (Bleeding) जैसी गंभीर जानलेवा समस्याएं हो सकती हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने जौनपुर वासियों से अपील की है कि “आपकी सतर्कता और सावधानी खत्म करेगी डेंगू की कहानी।”
उन्होंने लोगों से अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर और फ्रिज की ट्रे का पानी हर सप्ताह बदलने और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी है।
निःशुल्क इलाज: सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, PHC, CHC और जिला चिकित्सालय में डेंगू की जांच किट, दवाइयां और ORS निःशुल्क उपलब्ध हैं।
भर्ती की सुविधा: मरीजों के लिए जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष वार्ड (Dengue Wards) बनाए गए हैं।
शहरी और ग्रामीण अभियान: आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में और नगर पालिकाओं द्वारा शहरी क्षेत्रों में एंटी-लार्वा स्प्रे, फॉगिंग (Fogging), और ब्रीडिंग सोर्स को नष्ट करने का अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
| विवरण / जानकारी | महत्वपूर्ण तथ्य |
| डेंगू के वर्तमान आंकड़े | 5 दिन में 5 नए केस (जनवरी 2026 से अब तक कुल 19 मामले) |
| डेंगू फैलाने वाला मच्छर | मादा एडीज (Aedes) मच्छर |
| मच्छर पनपने के स्थान | साफ पानी (कूलर, फ्रिज की ट्रे, टायर, गमले, खुली टंकियां) |
| प्रमुख लक्षण | तेज बुखार, सिर-मांसपेशियों व हड्डियों में दर्द, उल्टी, प्लेटलेट्स गिरना |
| बचाव के उपाय | पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, मच्छरदानी लगाएं, पानी जमा न होने दें |
| मलेरिया अधिकारी का नारा | “हर रविवार करें मच्छरों पर वार” |
| स्वास्थ्य विभाग की तैयारी | सरकारी अस्पतालों में फ्री जांच/दवा/वार्ड, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव |
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