जौनपुर घूसकांड: यूनियन बैंक के फील्ड अफसर पर लोन पास करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप | The Politics Again
“उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले बैंक लोन में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है”
जौनपुर : The Politics Again : मंगेश प्रजापति की रिपोर्ट
जफराबाद क्षेत्र के नेहरू नगर स्थित ‘यूनियन बैंक ऑफ इंडिया’ (Union Bank of India) की शाखा में तैनात एक फील्ड अफसर पर लोन पास करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगा है।
इस घटना के सामने आने के बाद बैंक प्रशासन में हड़कंप मच गया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित व्यक्ति ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उसने एक सरकारी योजना के तहत बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था।
आरोप है कि बैंक के फील्ड अफसर शिवम कुमार गुप्ता ने इस लोन को पास करने के लिए उससे ₹3000 की रिश्वत की मांग की। अफसर ने कथित तौर पर स्पष्ट कह दिया था कि “पैसे देने पर ही लोन पास होगा।”
घूस देने से इनकार करने पर किया गया परेशान
पीड़ित के मुताबिक, जब उसने इस अनुचित मांग का विरोध किया और साफ कहा कि वह किसी भी सरकारी योजना के लिए कोई घूस नहीं देगा, तो फील्ड अफसर ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
उसे लोन प्रक्रिया के नाम पर बेवजह बार-बार बैंक बुलाकर प्रताड़ित किया जाने लगा, जिससे तंग आकर पीड़ित ने मामले की शिकायत बैंक के शाखा प्रबंधक (Branch Manager) से कर दी।
मैनेजर से भी भिड़ा आरोपी अफसर
शिकायत मिलने के बाद शाखा प्रबंधक ने मामले को गंभीरता से लिया और फील्ड अफसर शिवम कुमार गुप्ता को पूछताछ के लिए अपने केबिन में बुलाया।
लेकिन, चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी अफसर ने सहयोग करने या अपनी गलती मानने के बजाय शाखा प्रबंधक से ही बहस शुरू कर दी और किसी भी तरह की कार्रवाई से बेखौफ होकर इनकार कर दिया।
LDM ने लिया एक्शन, शुरू हुई जांच
बैंक मैनेजर के साथ फील्ड अफसर के इस अड़ियल रवैये और बढ़ते विवाद को देखते हुए शाखा प्रबंधक ने तुरंत इसकी सूचना जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (LDM) को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एलडीएम ने त्वरित कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, एलडीएम ने आरोपी शिवम कुमार गुप्ता को अपने कार्यालय में तलब किया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है।
अब देखना यह है कि जांच के बाद इस मामले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए क्या सख्त कार्रवाई की जाती है।












