India Bangladesh Tensions.
“बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले भारत सरकार ने एक ऐसा कूटनीतिक कदम उठाया है, जिसने ढाका से लेकर इस्लामाबाद और बीजिंग तक हड़कंप मचा दिया है”
नई दिल्ली | द पॉलिटिक्स अगेन ब्यूरो। संतोष सेठ की रिपोर्ट
खुफिया इनपुट्स और सुरक्षा के बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत ने बांग्लादेश को अब ‘नॉन-फैमिली पोस्टिंग’ (Non-Family Posting) वाले देशों की श्रेणी में डाल दिया है।
इसका सीधा मतलब है कि बांग्लादेश में हालात अब सामान्य नहीं हैं। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान वहां कट्टरपंथियों के बढ़ते प्रभाव और भारत विरोधी साजिशों की आशंका को देखते हुए भारत ने अपने राजनयिकों के परिवारों को तुरंत स्वदेश लौटने का आदेश दे दिया है।
अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) यह श्रेणी केवल युद्धग्रस्त या बेहद खतरनाक देशों के लिए इस्तेमाल करता था।
इस लिस्ट में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक और दक्षिण सूडान शामिल थे। अब बांग्लादेश का नाम भी इसी लिस्ट में जुड़ गया है।
सख्त आदेश: बांग्लादेश में तैनात भारतीय राजनयिक और अधिकारी अब अपनी पत्नी, पति या बच्चों को अपने साथ नहीं रख सकेंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला 1 जनवरी से लागू हो चुका है।
पहला आदेश: अधिकारियों को 8 जनवरी तक अपने परिवारों को भारत भेजने को कहा गया था।
ग्रेस पीरियड: जिन अधिकारियों के बच्चे वहां स्कूल में थे, उन्हें 7 दिन की मोहलत दी गई थी।
वापसी: 15 जनवरी तक ढाका, चटगांव, खुलना, सिलहट और राजशाही स्थित भारतीय मिशनों से सभी परिवारों की वतन वापसी हो चुकी है। यह सब इतने गुप्त तरीके से हुआ कि आधिकारिक घोषणा भी नहीं की गई।
सूत्रों का मानना है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर चुनाव टालने या उसमें धांधली करने का दबाव है।
कट्टरपंथी कार्ड: आशंका जताई जा रही थी कि चुनाव से पहले यूनुस सरकार भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए हिंदुओं या भारतीय राजनयिकों को निशाना बना सकती है।
होस्टेज का खतरा: अगर दंगे भड़कते, तो राजनयिकों के परिवार आसान टारगेट (Soft Targets) बन सकते थे। भारत ने पहले ही उन्हें वापस बुलाकर यूनुस के हाथ से ‘ब्लैकमेलिंग’ का यह पत्ता छीन लिया है।
चीन-पाक एंगल: यूनुस का झुकाव चीन और पाकिस्तान की ओर है, जो नहीं चाहते कि बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव हों।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि फरवरी में होने वाले चुनाव बांग्लादेश के इतिहास के सबसे हिंसक चुनाव हो सकते हैं।
भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षा के घेरे में लेकर यह साफ संदेश दे दिया है कि वह पड़ोसी मुल्क में किसी भी ‘बड़ी घटना’ के लिए तैयार है।
बांग्लादेश को पाकिस्तान वाली श्रेणी में डालना कूटनीतिक रूप से यह दर्शाता है कि भारत अब वहां के हालात को ‘असुरक्षित’ मानता है।
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