Khamenei death reaction Lucknow

खामेनेई की हत्या पर लखनऊ में भारी आक्रोश : शिया समुदाय का 3 दिन का शोक, इमामबाड़े बंद | The Politics Again

खामेनेई की हत्या से लखनऊ में भारी आक्रोश: शिया समुदाय का 3 दिन का शोक, बड़ा इमामबाड़ा बंद; मौलानाओं ने दी चेतावनी

द पॉलिटिक्स अगेन डेस्क | 1 मार्च 2026 | वरुण यादव की रिपोर्ट 

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में हुई मौत का असर अब भारत में भी दिखने लगा है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और दुख का माहौल है।

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे इंसानियत के लिए बड़ा नुकसान बताया है। विरोध जताने के लिए लखनऊ में शिया समुदाय ने तीन दिन के शोक का ऐलान किया है।

बड़ा और छोटा इमामबाड़ा बंद, पसरा सन्नाटा

खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतें—बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा और पिक्चर गैलरी—रविवार से ही पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।

  • मुख्य द्वारों पर ताले लटक रहे हैं, जिससे दूर-दराज से आए पर्यटकों को बाहर से ही तस्वीरें खींचकर मायूस लौटना पड़ रहा है।

  • छोटे इमामबाड़े के आसपास की सभी दुकानें बंद कर दी गई हैं और इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

आज रात 8 बजे निकलेगा कैंडल मार्च

शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत पसंद लोगों से इस शोक में शामिल होने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में एक विशाल शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा।

उन्होंने देशभर के शिया समुदाय से अपील की है कि वे अपने-अपने इलाकों में रात 8 बजे एक ही समय पर शोकसभाएं करें और कैंडल मार्च निकालें।

मौलाना जवाद ने कहा, “ट्रंप और नेतन्याहू ने अपने डेथ वारंट पर साइन कर दिए हैं। हमने तीन दिन के शोक का ऐलान किया है, लोगों को स्वेच्छा से अपने व्यापार बंद रखने चाहिए।”

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अमेरिका-इजरायल पर साधा निशाना

लखनऊ के प्रमुख मुस्लिम और शिया धर्मगुरुओं ने इस हमले को लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी है:

  • मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली (अध्यक्ष, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया): “एक आज़ाद देश पर हमला सभी इंटरनेशनल कानूनों के खिलाफ है। हम इंटरनेशनल कम्युनिटी से इस जंग को रोकने की अपील करते हैं। खामेनेई की हत्या के जिम्मेदारों पर इंटरनेशनल कोर्ट में केस चलना चाहिए। मैं देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।”

  • मौलाना सैफ अब्बास नकवी (अध्यक्ष, शिया चांद कमेटी): “खामेनेई किसी एक देश के नहीं, बल्कि हर दबे-कुचले इंसान और मुसलमान के लीडर थे। अमेरिका और इज़राइल पूरी दुनिया में खून-खराबा और दहशतगर्दी फैला रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि इस जंग में ईरान की जीत होगी।”

  • मौलाना यासूब अब्बास (शिया धर्मगुरु): “हम शहादत से नहीं डरते। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसा करारा जवाब देगा जिसे अमेरिका और इजरायल हमेशा याद रखेंगे।”

“एक खामेनेई मारा गया, तो हज़ार उठ खड़े होंगे”

विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं में भी भारी आक्रोश है। एक प्रदर्शनकारी महिला ने अमेरिका और इजरायल को धोखेबाज़ बताते हुए कहा, “जिनके खून में गद्दारी है, उन्होंने धोखे से मारा है।

हमारे लीडर डरे नहीं और झुके नहीं। अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हज़ार खामेनेई उठ खड़े होंगे और यह युद्ध जारी रहेगा। ट्रंप आसानी से नहीं जीत सकते।”

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.