खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) दिल्ली के लाल किले और चांदनी चौक स्थित मंदिर में IED ब्लास्ट की साजिश रच रहा है।
“देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े आतंकी खतरे के साये में है”
नई दिल्ली : THE POLITICS AGAIN : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार खुफिया एजेंसियों ने एक बेहद गंभीर अलर्ट जारी किया है, जिसके मुताबिक पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले (Red Fort) और चांदनी चौक स्थित एक प्रमुख मंदिर को निशाना बनाने की फिराक में है।
सूत्रों के मुताबिक, लश्कर के आतंकी राजधानी में किसी बड़े ‘IED’ (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) धमाके की साजिश रच रहे हैं।
इस अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है।
इस्लामाबाद ब्लास्ट का बदला लेना चाहता है लश्कर
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा इस बड़े हमले के जरिए 6 फरवरी 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुए आत्मघाती विस्फोट का बदला लेना चाहता है।
गौरतलब है कि उस मस्जिद ब्लास्ट में 31 लोगों की मौत हुई थी और 160 से अधिक लोग घायल हुए थे।
हालांकि, उस हमले की जिम्मेदारी ‘इस्लामिक स्टेट’ (IS) ने ली थी और अपने बयान में कहा था कि उनके आत्मघाती हमलावर ने शिया समुदाय के बीच अपनी विस्फोटक जैकेट में विस्फोट किया था।
इसके बावजूद, लश्कर इसी घटना को आधार बनाकर भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा है।
गणतंत्र दिवस से पहले भी मिले थे इनपुट
यह नया अलर्ट खुफिया एजेंसियों द्वारा करीब एक महीने पहले जारी की गई उस चेतावनी के ठीक बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि खालिस्तानी (Khalistani) आतंकवादी संगठन और बांग्लादेश स्थित कुछ आतंकी गुट गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के आसपास दिल्ली समेत देश के कई शहरों को निशाना बना सकते हैं।
लगातार मिल रहे इन इनपुट्स के चलते पूरी राजधानी को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
नवंबर 2025 के लाल किला ब्लास्ट की ताजा हैं यादें
दिल्ली पर यह नया खतरा ऐसे समय में मंडरा रहा है, जब 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट के जख्म अभी भी ताजा हैं।
उस घटना को मात्र 3 महीने ही बीते हैं। आपको बता दें कि 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोटकों से भरी एक कार में भयानक धमाका हुआ था, जिसने आसपास के कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया था।
उस आतंकी हमले में 12 निर्दोष लोगों की जान गई थी और करीब दो दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
बाद में डीएनए (DNA) परीक्षण से इस बात की पुष्टि हुई थी कि फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा डॉक्टर उमर मोहम्मद (उर्फ उमर उन नबी) ही उस विस्फोटक कार को चला रहा था।
पिछले हमले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन इस बार किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता है।
लाल किले और चांदनी चौक के आसपास चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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