धमतरी के भटगांव में मतांतरित परिवार में महिला के निधन के बाद उपजे विवाद को 'घर वापसी' कराकर सुलझाया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
धमतरी: अंतिम संस्कार में समाज का बहिष्कार, विहिप की पहल पर ‘घर वापसी’ के बाद हुआ महिला का दाह संस्कार”
धमतरी: द पॉलिटिक्स अगेन : कृष्णा सोनी की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मतांतरण (Religious Conversion) से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
यहां एक मतांतरित परिवार में महिला की मौत के बाद समाज के लोगों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया।
करीब एक घंटे तक चले भारी हंगामे और पंचायत के बाद, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के हस्तक्षेप से मृतका के पति की ‘घर वापसी’ कराई गई।
इसके बाद ही समाज के लोगों ने हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई।
यह घटना जिला मुख्यालय धमतरी से महज दो किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत भटगांव (सोरम रोड) की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां रहने वाले सुरेश ध्रुव की 28 वर्षीय पत्नी सरस्वती ध्रुव का शनिवार रात को निधन हो गया था।
रविवार सुबह जब परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तब समाज के लोगों ने वहां पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया।
समाज के लोगों का आरोप था कि सुरेश ध्रुव के परिवार ने करीब चार साल पहले अपना मूल धर्म छोड़कर ईसाई धर्म (मतांतरण) अपना लिया था।
इसी नाराजगी के चलते समाज ने उनके परिवार से दूरी बना ली थी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल होने से बहिष्कार कर दिया।
हंगामा बढ़ता देख, मौके पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप अग्रवाल को बुलाया गया।
समाज के लोगों और विहिप नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक पंचायत चली। इस बैठक में सुरेश ध्रुव ने अपनी इच्छा जताते हुए कहा कि वह अपनी पुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए दोबारा अपने समाज के साथ रहना चाहते हैं।
समाज ने इसके लिए ‘घर वापसी’ की शर्त रखी, जिसे सुरेश ने स्वीकार कर लिया।
सहमति बनने के बाद समाजजनों की मौजूदगी में सुरेश ध्रुव को तिलक लगाया गया, विधिवत पूजा-अर्चना कराई गई और पवित्र गंगाजल पिलाया गया। भगवान राम के जयकारों के साथ उनकी ‘घर वापसी’ की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
सुरेश ने भरोसा दिलाया कि वे अब अपने मूल धर्म में ही रहेंगे और समाज के नियमों का पालन करेंगे। विहिप नेता संदीप अग्रवाल ने भी इसकी पुष्टि की।
इस पूरी प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद समाज के लोग मृतका सरस्वती ध्रुव के अंतिम संस्कार में शामिल हुए और पूरे सहयोग के साथ हिंदू रीति-रिवाज से दाह संस्कार संपन्न कराया।
| विषय / बिंदु | महत्वपूर्ण जानकारी |
| घटनास्थल | ग्राम पंचायत भटगांव (सोरम रोड), जिला धमतरी |
| मृतका का नाम | सरस्वती ध्रुव (आयु 28 वर्ष) |
| विवाद का मुख्य कारण | परिवार द्वारा 4 साल पहले किया गया मतांतरण (ईसाई धर्म अपनाना) |
| समाज का रुख | अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार और बहिष्कार |
| हस्तक्षेप करने वाले संगठन | विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल |
| विवाद का समाधान | मृतका के पति सुरेश ध्रुव की शर्तों के साथ ‘घर वापसी’ |
| घर वापसी की प्रक्रिया | गंगाजल पिलाना, तिलक लगाना और हिंदू रीति-रिवाजों को अपनाना |
| अंतिम परिणाम | समाज के सहयोग से हिंदू रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार |
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