नई दिल्ली 10 / 05 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आदेश में कहा है, “सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लाइव कवरेज को दिखाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सभी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स से अनुरोध है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा संबंधी अभियानों की रिपोर्टिंग करते समय अत्यंत जिम्मेदारी बरतें और मौजूदा कानूनों व नियमों का सख्ती से पालन करें।”
उन्होंने आगे बताया, “विशेष रूप से रक्षा अभियानों या सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित रीयल-टाइम कवरेज, विजुअल का प्रसार या सूत्र आधारित जानकारी की रिपोर्टिंग नहीं की जानी चाहिए। संवेदनशील जानकारी का समयपूर्व खुलासा अनजाने में शत्रु तत्वों की मदद कर सकता है और अभियान की प्रभावशीलता तथा कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
पिछली घटनाओं ने जिम्मेदार रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया है। कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमले (26/11) और कंधार अपहरण जैसे मामलों में अनियंत्रित कवरेज से राष्ट्रीय हितों पर प्रभाव पड़ा था।
मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कानूनी दायित्वों के अलावा, यह हमारा साझा नैतिक उत्तरदायित्व है कि हमारे सामूहिक कार्य चल रहे अभियानों या हमारी सेनाओं की सुरक्षा को खतरे में न डालें।”
इस आदेश में बताया गया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पहले ही सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(पी) का पालन करने के लिए परामर्श जारी किया है।
नियम 6(1)(पी) में कहा गया है कि केबल सेवा में कोई भी कार्यक्रम प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए, जिसमें सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद विरोधी अभियान की लाइव कवरेज हो, ऐसी मीडिया कवरेज केवल उपयुक्त सरकार द्वारा नामित अधिकारी की ओर से समय-समय पर दी गई जानकारी तक सीमित होगी, जब तक कि वह अभियान समाप्त न हो जाए।
उन्होंने बताया, “ऐसा प्रसारण केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 का उल्लंघन है और इसके तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए, सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आतंकवाद विरोधी अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज प्रसारित न करें।
सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे कवरेज में सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बरतते रहें और राष्ट्र की सेवा में उच्चतम मानकों का पालन करें। यह आदेश मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के साथ जारी किया गया है।”
रक्षा मंत्रालय ने भी अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर इस आदेश को शेयर करते हुए अपील की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और व्यक्तियों से अनुरोध है कि वे रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज या रीयल-टाइम रिपोर्टिंग से बचें। ऐसी संवेदनशील या स्रोत-आधारित जानकारी का खुलासा करने से अभियान खतरे में पड़ सकता है और लोगों की जान को जोखिम हो सकता है।”
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