वायुसेना का गद्दार सुमित कुमार गिरफ्तार, पाकिस्तान को दे रहा था मिसाइल सीक्रेट्स
वायुसेना में बड़ी सेंध: पाकिस्तान को मिसाइल और फाइटर जेट्स के सीक्रेट्स बेचने वाला गद्दार सुमित कुमार गिरफ्तार
“देश की सुरक्षा के साथ एक बड़ा धोखा सामने आया है। असम के चाबुआ एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात एमटीएस कर्मचारी सुमित कुमार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पैसों के लालच में यह गद्दार साल 2023 से भारत की मिसाइल प्रणालियों और लड़ाकू विमानों की गोपनीय जानकारी दुश्मन देश तक पहुंचा रहा था”
संतोष सेठ (‘The Politics Again’) | जयपुर/डिब्रूगढ़
जिस इंसान पर पूरे भारत ने भरोसा किया और जिसे एयरफोर्स स्टेशन की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई, वही पिछले दो साल से भारत की पीठ में छुरा घोंप रहा था।
भारतीय वायुसेना (IAF) के अंदर एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला 36 वर्षीय सुमित कुमार, जो असम के डिब्रूगढ़ स्थित चाबुआ एयरफोर्स स्टेशन में मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) के तौर पर काम करता था, पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए पकड़ा गया है।
बाहर से एक साधारण कर्मचारी दिखने वाला सुमित, असल में दुश्मन देश पाकिस्तान के लिए काम करने वाला एक मोहरा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सुमित साल 2023 में पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था और पैसों के लालच में आकर उसने वायुसेना की बेहद गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां दुश्मन तक पहुंचानी शुरू कर दी थीं।
झबाराम की गिरफ्तारी से खुला राज
इस पूरे जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश जनवरी 2026 में हुआ, जब राजस्थान के जैसलमेर से 30 जनवरी को झबाराम नाम के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।
कड़ी पूछताछ में झबाराम ने सुमित कुमार का नाम उगल दिया। इसके बाद राजस्थान इंटेलिजेंस और इंडियन एयरफोर्स इंटेलिजेंस ने मिलकर सुमित पर गुपचुप तरीके से नजर रखनी शुरू की और पुख्ता सबूत मिलने के बाद उसे दबोच लिया।
क्या-क्या सीक्रेट्स बेचे गद्दार ने?
जांच में जो बातें सामने आई हैं, वो बेहद चौंकाने वाली हैं। सुमित ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फाइटर एयरक्राफ्ट (लड़ाकू विमानों) की तैनाती, मिसाइल सिस्टम, एयरफोर्स स्टेशन की लोकेशन और सैन्य गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान के साथ साझा की।
उसने रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले चाबुआ और राजस्थान के नाल एयरफोर्स स्टेशन से जुड़े कर्मियों का डेटा भी लीक किया।
उसने अपने ही मोबाइल नंबर से पाकिस्तानी एजेंट्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए थे, जिनके जरिए यह पूरा डिजिटल जासूसी नेटवर्क चलाया जा रहा था।
जयपुर में गहन पूछताछ और सख्त कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद सुमित कुमार को जयपुर लाया गया, जहां सेंट्रल इंटेरोगेशन सेंटर (केंद्रीय पूछताछ केंद्र) में विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने उससे संयुक्त रूप से पूछताछ की।
पुलिस ने इस गद्दार के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (राजकोषीय गोपनीयता अधिनियम), 1923 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अब एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि इस जासूसी नेटवर्क में सुमित के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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